|
विपक्ष ने जताई मायावती से हमदर्दी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मायावती के मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार पर सीबीआई का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है जबकि सत्तारूढ़ कांग्रेस पार्टी ने इसका खंडन किया है. ग़ौरतलब है कि सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में शपथ पत्र दाख़िल कर कहा है कि उसके पास उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती के ख़िलाफ़ आय से अधिक संपत्ति के मामले में पर्याप्त सबूत हैं जिनके आधार पर वह जल्दी ही आरोपपत्र दाख़िल कर सकती है. पाँच वर्ष पुराने इस मामले के फिर से जीवित हो उठने पर बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने केंद्र सरकार पर उनके ख़िलाफ़ राजनीतिक साजिश रचने का आरोप लगाया है. भाजपा और सरकार से समर्थन खींच चुके वाम दलों ने भी सीबीआई के क़दम को राजनीति से प्रेरित बताया है. वरिष्ठ भाजपा नेता एम वेंकैया नायडू ने कहा है कि परमाणु मुद्दे पर संसद में विश्वास मत लेने के लिए यूपीए सरकार सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है. भाजपा का आरोप उन्होंने कहा कि सीबीआई उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को राजनीतिक लाभ देने के लिए बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी को मोहरा बना रही है.
वेंकैया नायडू ने कहा कि जब उसे बसपा समर्थन दे रही थी तो समाजवादी पार्टी के नेताओं के ख़िलाफ़ सीबीआई को मामले खोलने को कह दिया गया और अब जब सपा समर्थन दे रही है तो मायावती के ख़िलाफ़ मामले को खोला जा रहा है. नायडू ने कहा कि भाजपा का बसपा से कोई लेना-देना नहीं है और वह उत्तर प्रदेश में सभी 80 लोकसभा सीटों पर अकेले चुनाव लड़ेगी लेकिन ताजा घटनाक्रमों से साफ है कि सरकार वहां पर सुनियोजित ढंग से अपने समर्थकों को बचाने और विरोधियों को निशाना बनाने के लिए सीबीआई का दुरुपयोग कर रही है. भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के नेता गुरुदास दासगुप्ता ने पत्रकारों से कहा, "यह सरकार विश्वास मत हासिल करने के लिए कुछ भी कर सकती है. अभी मायावती के ख़िलाफ़ हरकत में आना राजनीतिक स्वार्थ है." कांग्रेस का बचाव दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों से स्पष्ट इनकार किया है. कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने कहा, "सीबीआई का इस्तेमाल कर किसी पर दबाव डालने की राजनीति करना कांग्रेस की परिपाटी नहीं रही है." उन्होंने कहा कि सीबीआई की निष्पक्षता जैन हवाला मामले में भी दिखी थी. दिग्विजय सिंह का कहना था कि मायावती के ख़िलाफ़ कांग्रेस ने मामले दर्ज नहीं कराए. मामले छह वर्ष पूर्व दर्ज किए गए जिनकी सुप्रीम कोर्ट अभी समीक्षा कर रही है. उन्होंने कहा कि सिर्फ़ आयकर रिटर्न दाख़िल करने से कोई नहीं सही नहीं हो जाता बल्कि प्राप्त होने वाले चंदों का भी व्योरा देना होता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'सीबीआई का दुरुपयोग करके साज़िश' 12 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस मायावती के ख़िलाफ़ पर्याप्त सबूत:सीबीआई10 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस मुलायम नाटकबाज़ी कर रहे हैं: मायावती04 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस ताज कॉरिडोर मामले में याचिका ख़ारिज10 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस राज्यपाल के फ़ैसले के ख़िलाफ़ आवेदन05 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस मायावती पर मुक़दमे की अनुमति नहीं05 जून, 2007 | भारत और पड़ोस ताज कॉरिडोर मामले की सुनवाई स्थगित15 मई, 2007 | भारत और पड़ोस ताजपोशी से पहले 'ताज का मामला'11 मई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||