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जम्मू में तनाव, कर्फ्यू लागू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ बोर्ड को दी गई ज़मीन के फ़ैसले को वापस लेने के ख़िलाफ़ पूरे जम्मू क्षेत्र में प्रदर्शन जारी हैं. तनाव के बीच कई जगह पर हिंसा हुई है और कर्फ़्यू लगाया गया है. डोडा ज़िले के पुलिस प्रमुख रघुबीर सिंह ने बीबीसी को बताया, "भद्रवाह कस्बे में हिंसक प्रदर्शनों के बाद ग्रेनेड फ़ेंकने की कोशिश करता हुआ एक व्यक्ति मारा गया. वहाँ कम से कम 12 लोग घायल हो गए हैं. इसके बाद भदड़वा में कर्फ़्यू लगा दिया गया है. " जम्मू क्षेत्र में प्रदर्शनों के दौरान कई जगह हिंसा की ख़बरें मिली हैं. जम्मू शहर के लगभग पूरे इलाक़े में कर्फ़्यू लगा हुआ है और स्थिति काफ़ी तनावपूर्ण है. हिंदू संगठनों - विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल, शिवसेना और कुछ अन्य सामाजिक संगठन - युनाइटेड फ़्रंट के नाम से प्रदर्शन कर रहे हैं. बुधवार को इन संगठनों ने जम्मू के लोगों से आहवान किया कि कर्फ़्यू का उल्लंघन करें और सड़कों पर उतर आएँ. जम्मू शहर में कई जगह पर आपराधिक दंड संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत लोगों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा हुआ है लेकिन बड़ी संख्या में जम्मू के बाहरी इलाक़ों में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं. जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर सांभा में हिंसा प्रदर्शन हुए हैं और सेना से फ़्लैग-मार्च करने के लिए कहा गया है. कई इलाक़े प्रभावित जम्मू शहर से लगभग 180 किलोमीटर पूर्वोत्तर में डोडा ज़िले के भद्रवाह कस्बे में बुधवार सुबह से ही विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे थे. भद्रवाह में पहले हिंदू प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई और फिर जब मुस्लमानों के ख़िलाफ़ नारे लगने लगे तो कुछ मुस्लमानों के साथ भी हिंदू प्रदर्शनकारियों की झड़पें हुई. इस बीच एक व्यक्ति उस समय मारा गया जब एक ग्रेनेड उसके हाथों में ही फट गया. तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं. अधिकारियों का कहना था कि ये व्यक्ति प्रदर्शनकारियों पर ग्रेनेड हमला करने वाला था. जम्मू क्षेत्र में किश्तवाड़, भद्रवाह, नगरौटा, मुट्ठी, कठुआ और पुंछ-राजौरी इलाक़े में विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता प्रदर्शन कर रहे हैं और कई जगह हिंसा भी हुई है. किश्तवाड़ में मंगलवार को पुलिस फ़ायरिंग हुई थी जिसमें तीस लोग घायल हो गए थे जिनमें से तीन पुलिसकर्मियों की हालत गंभीर थी. बुधवार को भी वहाँ पुलिस फ़ायरिंग हुई है और 12 लोग घायल हैं. जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर पटोली इलाक़े के आसपास अवरोध लगाए गए हैं और यातायात ठप्प है. विश्व हिंदू परिषद ने ज़मीन दिए जाने के फ़ैसले को वापस लेने के राज्य सरकार के निर्णय के ख़िलाफ़ गुरुवार को देशव्यापी बंद की घोषणा की है.
राजनीति भारत प्रशासित जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ मंदिर बोर्ड को उस समय के राज्यपाल की सिफ़ारिश पर लगभग सौ एकड़ ज़मीन दिए जाने का कश्मीर घाटी में ज़ोरदार विरोध हुआ था. कई दिन घाटी में जनजीवन ठप्प रहा था और प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व अलगाववादी संगठन कर रहे थे. विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुई पुलिस फ़ायरिंग में कुछ लोग मारे गए थे और अनेक घायल हुए थे. उस समय जम्मू-कश्मीर की सरकार में शामिल पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने भी इस फ़ैसले का विरोध किया था और बाद में उसने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार को दिया समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें अमरनाथ बोर्ड को ज़मीन देने के आदेश को निरस्त कर दिया गया. लेकिन इस फ़ैसले के साथ ही हिंदू बहुल जम्मू क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने राज्य सरकार को निशाना बनाना शुरु किया और सरकार के अमरनाथ बोर्ड से समर्थन वापस लेने के फ़ैसले का विरोध किया. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरनाथ बोर्ड को भूमि देने का फ़ैसला रद्द01 जुलाई, 2008 | भारत और पड़ोस सातवें दिन भी घाटी में रहा पूर्ण बंद30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस ज़मीन वापसी के विरोध में 'जम्मू बंद'30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस राज्यपाल ने बहुमत साबित करने को कहा30 जून, 2008 | भारत और पड़ोस ज़मीन वापस करने की पेशकश29 जून, 2008 | भारत और पड़ोस कश्मीर में प्रदर्शन, यासीन मलिक घायल28 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ ज़मीन मुद्दे पर प्रदर्शन जारी27 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अमरनाथ मंदिर से जुड़े विवाद की जड़27 जून, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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