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बाढ़ पीड़ित इलाक़ों में सेना की मदद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत में मॉनसून की बारिश और बाढ़ का प्रकोप पाँच राज्यों में जारी है. पश्चिम बंगाल में 16 लाख लोग प्रभावित हुए हैं और कुछ इलाक़ों में मदद के लिए सेना को बुलाया गया है. सेना ने पश्चिमी मिदनापुर ज़िले में लगभग दस हज़ार लोगों को बचाया है. उड़ीसा में चार दिन से भारी बारिश की वजह से नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है और वहाँ वायुसेना को सतर्क रहने को कहा गया है. झारखंड में भी अचानक आई बाढ़ ख़तरनाक होती साबित हुई और राज्य सरकार ने बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सेना से मदद माँगी है. झारखंड में लगभग ढाई हज़ार लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और मुख्यमंत्री मधु कोड़ा ने बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का हवाई सर्वेक्षण किया. असम में बारिश में कुछ कमी आई है जिसकी वजह से पानी घट रहा है. भारी बारिश और बाढ़ से राज्य में लगभग आठ लाख लोग प्रभावित हुए हैं और 22 लोगों की जान जा चुकी है. समाचार एजेंसी पीटीआई ने पश्चिमी मिदनापुर के ज़िलाधिकारी एनएस निगम के हवाले से ख़बर दी है कि ज़िले के सबांग, पिंगला और नारायणगढ़ विकासखंडों में तेना तैनात की गई है. राज्य में लगभग दस हज़ार लोगों को सेना ने सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दिया लेकिन चार लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी. पश्चिम बंगाल के सिविल डिफ़ेंस मंत्री श्रीकुमार मुखर्जी ने कहा कि तेज़ गति से चलने वाली 15 अतिरिक्त नावें पूर्व और पश्चिमी मिदनापुर ज़िलों के बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में भेजी गई हैं. मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने मंत्रिमंडल और वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक करके बाढ़ की ताज़ा स्थिति का आकलन किया और उन्हें प्रभावित लोगों की हिफ़ाज़त के लिए हर संभव क़दम उठाने के लिए कहा.
उत्तर प्रदेश में बाढ़ की आशंका से 30 ज़िलों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है जिनमें लखीमपुर खीरी, फ़ैज़ाबाद, गोंडा और बहराइच शामिल हैं. उड़ीसा में राहत और बचाय कार्यों में तेज़ी आई है और वायुसेना के हेलीकॉप्टर इसमें मदद कर रहे हैं. राज्य में लगभग 850 गाँवों में बाढ़ का पानी भर गया है. मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने बाढ़ प्रभावित इलाक़ों का हवाई सर्वेक्षण किया. बालासोर, मयूरभंज, भद्रक और जजपुर ज़िलो में बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुक़सान हुआ है. पश्चिम बंगाल बाढ़ के कारण खड़गपुर-चेन्नई राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 60 पर आवागमन रुक गया है. इसकी वजह से पश्चिम बंगाल का संपर्क दक्षिण भारत से टूट गया है. इस सड़क पर सैकड़ों ट्रक रास्ते में फँसे हुए हैं. मंगलवार को आई बाढ़ में तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्षा ममता बनर्जी के सहयोगी तृणमूल नेता गोपाल बसु और उनके दो अन्य साथी पानी में बह गए. राज्य सरकार ने तटरक्षक बल से अपने गोताखोरों को उनकी तलाश करने कहा है. बसु और उनके साथी सड़क मार्ग से उड़ीसा से पश्चिम बंगाल आते समय एक पुल पर फंस गए थे. बचाव के लिए आए पुलिसकर्मियों ने पुल की रेलिंग से बाँध कर रस्सा फेंका जिसकी मदद से चार लोग तो बाहर आ गए लेकिन बसु और अन्य दो के निकलने से पहले रेलिंग टूट गई और तीनों बह गए. उड़ीसा उड़ीसा के उत्तरी इलाक़ों में कई नदियों में पानी ख़तरे के निशान से बहुत ऊपर बह रहा है. सरकार ने वायुसेना को राहत और बचाव कार्यों के लिए सतर्क रहने को कहा है. राज्य के आपात प्रबंधन मंत्री मनमोहन सामल के हवाले से पीटीआई ने कहा है कि राज्य के कोई डेढ़ लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. उनके अनुसार चार ज़िलों में हालात ख़राब हैं. मयूरभंज और बालेश्वर ज़िले बाढ़ से अब तक सबसे ज़्यादा प्रभावित हुए हैं. यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और पानी के तेज़ बहाव के कारण कई जगह सड़कें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में बाढ़18 जून, 2008 | भारत और पड़ोस बाढ़ और भूस्खलन में 23 लोगों की मौत16 जून, 2008 | भारत और पड़ोस मानसून की दस्तक, पुराना रिकॉर्ड टूटा15 जून, 2008 | भारत और पड़ोस समुद्री तूफ़ान की आशंका, बांग्लादेश सतर्क 02 मई, 2008 | भारत और पड़ोस उड़ीसा में चढ़ते तापमान से लोग बेहाल21 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस बाढ़:पश्चिम बंगाल में सेना बुलाई गई06 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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