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समुद्री तूफ़ान की आशंका, बांग्लादेश सतर्क | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में मौसम विभाग के अधिकारियों का अनुमान है कि शुक्रवार को देश के तटीय ज़िलों को भीषण समुद्री तूफ़ान का सामना करना पड़ सगता है. इसीलिए छह तटीय ज़िलों में प्रशासन और लोगों को सतर्क कर दिया गया है. मौसम विभाग के अनुसार समुद्री तूफ़ान ‘नरगिस’ छह तटीय ज़िलों को अपनी चपेट में ले सकता है. अधिकारियों और स्वयंसेवको को तैयार रहने के लिए कहा गया है, जिससे ज़रूरत पड़ने पर जल्द ही वहाँ बसे लोगों को उन इलाक़ों से बाहर निकाला जा सके. बांग्लादेश में पिछले साल आए ‘सिद्र’ समुद्री तूफ़ान के कारण 3500 से ज़्यादा लोग मारे गए थे और लाखों लोग इससे प्रभावित हुए थे. ये पिछले दस साल में बांग्लादेश में आने वाला सबसे भीषण समुद्री तूफ़ान था और इसमें 15 लाख घर तबाह हो गए थे. राहत संस्थाओं का कहना है कि उस तूफ़ान के पाँच महीने बाद भी अनेक बांग्लादेशियों को मदद की ज़रूरत बनी हुई है. धान की फ़सल की चिंता इस सप्ताह की शुरूआत में समुद्री तूफ़ान की आशंका के मद्देनज़र प्रशासन ने किसानों को धान की फ़सल तेज़ी से काटने की हिदायत दी थी. बांग्लादेश को पिछले साल बाढ़ और तूफ़ान के कारण खाद्यान्न की कमी का सामना करना पड़ा था. अधिकारी किसानों को इस साल धान की फ़सल को, जितना संभव हो, बचाकर रखने को कह रहे हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें तूफ़ान के बाद दो हज़ार लोग लापता 24 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में आया भीषण समुद्री तूफ़ान15 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में तूफ़ान से सैकड़ों मारे गए17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेशः 2300 मरे, लाखों प्रभावित18 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय मदद 19 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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