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बांग्लादेश को अंतरराष्ट्रीय मदद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बांग्लादेश में तूफ़ान के बाद सूदूर इलाक़ों में राहत एवं सहायता पहुंचाई जा रही है लेकिन इसके बावजूद अभी भी कई ऐसे स्थान हैं जहां लोगों को भारी मुसीबतें झेलनी पड़ रही हैं. अधिकारियों का कहना है कि देश के उन इलाक़ों में भी सहायता पहुंची है जहां आवागमन के साधन नहीं हैं. हालांकि ज़मीनी स्तर पर कई स्थानों में लोगों के पास न तो खाने के लिए भोजन है और न ही पीने के लिए साफ पानी. इस बीच अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने पीड़ित लोगों की मदद के लिए बड़े पैमाने पर पहल की है. बांग्लादेश के आपदा प्रबंधन मामलों के मंत्री तपन चौधरी ने बीबीसी को बताया कि उनके विभाग को चौदह करोड़ डॉलर की मदद का आश्वासन मिला है. उन्होंने बताया कि सऊदी अरब ने ही दस करोड़ डॉलर का वायदा किया है जबकि शेष राशि संयुक्त राष्ट्र, अमरीका और यूरोपीय संघ की ओर से आ रही है. बांग्लादेश में तूफ़ान से मची तबाही के बाद राहत कार्य ज़ोरों पर हैं. सरकार का कहना है कि तूफ़ान प्रभावित दूरदराज़ के इलाक़ों में राहत सामग्री पहुँचने लगी है. बांग्लादेश में तूफ़ान ने हज़ारों की जान ली है. सरकार ने कहा है कि देश के तटवर्ती इलाक़ों में गुरुवार को आए तूफ़ान में, सेना के अनुसार, कम से कम 3000 लोग मारे गए हैं, हालाँकि ग़ैर सरकारी अनुमानों के अनुसार मरने वालों की तादाद इससे कहीं अधिक हो सकती है. बताया जा रहा है कि इस तूफ़ान से क़रीब 10 लाख परिवार प्रभावित हुए हैं. तूफ़ान की विभीषिका के बाद अब विभिन्न एजेंसियां राहत कार्यों में जुट गई हैं. बांग्लादेश सरकार ने इसे 'राष्ट्रीय आपदा' क़रार दिया है. गुरुवार को बांग्लादेश के तटीय इलाक़ों में 240 किमी प्रति घंटे की रफ़्तार से तेज़ हवाएँ चली थी और समुद्र में कई मीटर ऊँची लहरें उठीं थी. तूफ़ान से हज़ारों की संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे और लाखों एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई. तूफ़ान प्रभावित लाखों लोग अब तंबुओं, चावल और पीने के पानी जैसी मूलभूत ज़रूरतों से जूझ रहे हैं. बांग्लादेश रेड क्रीसेंट सोसायटी का कहना है कि तूफ़ान में मरने वालों की संख्या 10 हज़ार तक हो सकती है. मदद की पहल बांग्लादेश में संयुक्त राष्ट्र खाद्य कार्यक्रम के प्रवक्ता और राहत अभियान की निगरानी कर रहे डगलस ब्रॉडरिक ने कहा कि एजेंसियां राहत के लिए तुरंत आगे आई हैं.
उन्होंने कहा, "राहत कार्यक्रम अभी शुरूआती चरण में है. अब तक लगभग 10 लाख लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाई गई है." अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने बांग्लादेश के लोगों के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की है. उन्होंने प्रभावितों के लिए 20 लाख डॉलर की सहायता की घोषणा की. ब्रिटेन, जर्मनी, फ़्रांस और अन्य यूरोपीय देशों ने भी बांग्लादेश के तूफ़ान प्रभावितों की मदद के लिए पहल की है. ईसाई धर्मगुरू पोप बेनेडिक्ट ने वेटिकन सिटी में रविवार को अपनी नियमित सभा में 'तूफ़ान प्रभावितों के मदद के लिए हर संभव सहायता की अपील की.' राहत कार्य तूफ़ान से हुई भीषण तबाही के बाद बचावकर्मी समुद्री जहाज़ों और हेलीकॉप्टरों के ज़रिए बच गए हज़ारों लोगों तक पहुँचने की कोशिश कर रहे हैं. तूफ़ान में जीवित बचे लोगों तक पहुँचने के लिए समुद्री जहाज़ों और हेलीकॉप्टरों का सहारा लिया जा रहा है लेकिन राहत कार्यों में बहुत मुश्किलें आ रही हैं. अधिकरियों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में मछली पकड़ने गईं 150 नौकाएँ लौटी नहीं है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि बांग्लादेश में शरणार्थी शिविरों के नेटवर्क और चेतावनी प्रणाली के कारण तटवर्ती इलाक़ों में रहने वाले लगभग पाँच लाख लोग तूफ़ान से बचने में कामयाब रहे. तूफ़ान में अनेक गाँव और हज़ारों घर तबाह हो गए और बहुत से प्रभावित इलाक़ों से संपर्क इसलिए नहीं हो पा रहा है क्योंकि सड़कों पर मलबे का ढेर जमा है और कई इलाक़ों में बिजली और संचार व्यवस्था ठप है. | इससे जुड़ी ख़बरें बांग्लादेशः 2300 मरे, लाखों प्रभावित18 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में तूफ़ान से सैकड़ों मारे गए17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में आया भीषण समुद्री तूफ़ान15 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में राहत कार्य तेज़17 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश में तूफ़ान से अनेक लापता23 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस बंगलादेश पर मंडराता 'ख़तरा'04 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस यौनकर्मियों को नहीं मिलती दो गज़ ज़मीन12 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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