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बांग्लादेश में तूफ़ान से अनेक लापता | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बंगाल की खाड़ी में आए तूफ़ान के कारण बांग्लादेश में लगभग 100 मछुआरों के डूबने की आशंका व्यक्त की जा रही है. अधिकारियों का कहना है कि वापस लौट रहे मछुआरों का कहना है कि लगभग 10 नावें तूफ़ान के कारण डूब गईं हैं. अधिकारियों का कहना है कि वे इन मछुआरों की तलाश का अभियान तब तक नहीं छेड़ सकते जब तक कि समुद्र शांत नहीं हो जाता. ख़राब मौसम के कारण फ़ेरी सेवा स्थगित कर दी गई है और तटीय इलाक़ों को खाली करा लिया गया है. स्थानीय अधिकारी सलीम ख़ान ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि तटीय इलाक़े के लगभग 50 मछुआरों को बचा लिया गया है. मछुआरों के प्रवक्ता मुस्तफ़ा चौधरी का कहना था कि लगभग 70 नावें नहीं लौटीं हैं जिनमें लगभग 850 मछुआरे सवार थे. उनका कहना था कि वो तूफ़ान निकल जाने का इंतज़ार कर रहे हैं क्योंकि तूफ़ान आने पर कई बार मछुआरे किसी सुरक्षित स्थान पर शरण ले लेते हैं. इन नावों से संपर्क का एकमात्र साधन मोबाइल फ़ोन होता है और तूफ़ान की दशा में ये कट जाता है. ग़ौरतलब है कि बांग्लादेश में अक्सर लोगों को तूफ़ान और बाढ़ की विभीषिका का सामना करना पड़ता है. | इससे जुड़ी ख़बरें 'बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में खाद्यान्न संकट'18 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस बारिश के कारण स्थिति हुई बदतर17 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'बाढ़ पीड़ितों में महामारी का खतरा'07 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस बाढ़ पीड़ितों पर पुलिस फ़ायरिंग03 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस बांग्लादेश:मरने वालों की संख्या 118 हुई13 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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