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बाढ़:पश्चिम बंगाल में सेना बुलाई गई | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारी बारिश के बाद आई बाढ़ से पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में सैकड़ों लोग फँस गए हैं. उन्हें बचाने के लिए सेना और वायुसेना को लगाया गया है. राज्य में कई नदियों में पानी ख़तरे के निशान से ऊपर बह रहा है. वहाँ पिछले तीन दिनों में कम से कम 20 लोगों की मौत हुई है. उड़ीसा के बालासुर और मयूरभंज ज़िलों में भी कई जगह पानी भर गया है. वहाँ सुबर्णरेखा नदी में जलस्तर बढ़ने के बाद अधिकारियों ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है. उधर राजस्थान के जोधपुर और पाली ज़िलों में भी बाढ़ से कई लोगों की मौत होने की ख़बरें हैं. जोधपुर क्षेत्र में कई जगह पटरी को नुक़सान पहुँचा है जिससे या तो ट्रेनों का रास्ता बदलना पड़ा है या वे रद्द कर दी गई हैं. पश्चिम बंगाल में सेना पश्चिम बंगाल के पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर ज़िलों में बाढ़ का सबसे ज़्यादा असर दिखाई पड़ा है. वहाँ साढ़े छह हज़ार से भी अधिक लोग बेघर हो गए हैं और लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है.
वहाँ घटल, आरामबाग़ और सँकरेल में थलसेना और वायुसेना के जवानों ने बड़ी संख्या में लोगों को बाढ़ से बचाकर निकाला है. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार पश्चिम बंगाल के राहत मंत्री मुर्तज़ा हुसैन ने कोलकाता में पत्रकारों को बताया कि सेना हैलिकॉप्टरों की मदद से लोगों को बचाने में लगी हुई है. बाँकुरा और बर्धमान ज़िलों में भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है. कंसाई, कपलेश्वरी सहित कई नदियों के आसपास बसे इलाक़ों के लिए ख़तरा बना हुआ है. लेकिन इस बीच कोलकाता में बाढ़ की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है. | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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