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रनवे पर जानवरों की धमाचौकड़ी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
मॉनसून की झमाझम बारिश से तर हुए गीदड़, छिपकली जैसे छोटे-मोटे जानवरों ने दिल्ली हवाई अड्डे के रनवे पर डेरा डाल विमानों की रफ़्तार थाम दी. हवाई अड्डे के अधिकारियों का कहना है कि सोमवार को बारिश के दौरान भींगे ये जानवर अपने को सुखाने के लिए रनवे पर आ गए. इनके कारण विमानों के परिचालन में घंटों की देरी हुई और इसका ख़ामियाज़ा भुगतना पड़ा हवाई यात्रियों को. हालाँकि अधिकारी हरकत में आए. रनवे पर से छिपकलियों को हटाने और और गीदड़ों को खदेड़ने के बाद ही विमान उड़ान भर सके. इस बार राजधानी दिल्ली में मॉनसून ने समय से पहले दस्तक दी है. इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के प्रवक्ता अरूण अरोड़ा ने अपने बयान में एक मीटर तक लंबे छिपकलियों का ज़िक्र किया जो रनवे पर आ गए थे. मॉनसून के दौरान जून से सितंबर के बीच भारी बारिश के समय पूरे भारत में विमानों के परिचालन पर असर पड़ता है. ताज़ा मामले पर भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण ने बीबीसी से बात करने से इनकार कर दिया. | इससे जुड़ी ख़बरें हैदराबाद का नया हवाईअड्डा नहीं खुला16 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस हवाई अड्डा कर्मचारियों की 'हड़ताल' समाप्त13 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस बोली प्रक्रिया पर रिलायंस का विरोध02 फ़रवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हवाई अड्डों के ठेकों का फ़ैसला31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस हवाई अड्डों पर चौकसी बढ़ी13 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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