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पाक सीमा पर अमरीकी हमले का वीडियो | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
अमरीका ने कुछ वीडियो फुटेज जारी की है जिसे उसने अफ़ग़ान-पाकिस्तान सीमा पर किए गए अमरीकी हवाई हमले की रिकॉर्डिंग बताया है. अमरीकी रक्षा विभाग-पेंटागन ने अफ़ग़ानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर किए गए हवाई हमले को न्यायसंगत ठहराया था और अब कहा है कि यह वीडियो उसके इस दावे को सही ठहराता है. पाकिस्तान ने कहा था कि मंगलवार की रात हुए इस हमले में 11 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे. पाकिस्तान ने इसे एक कायरतापूर्ण हमला और अंतरराष्ट्रीय सीमा का खुला उल्लंघन बताया है. लेकिन अमरीका ने कहा है कि उसकी सेनाओं ने क़ानून के दायरे में रहकर ही तालेबान समर्थक लड़ाकों के ठिकानों को निशाना बनाया था और यह वीडियो रिकॉर्डिंग उसके इन दावों को सही ठहराती है. इस हमले से अमरीका और पाकिस्तान के बीच अच्छा ख़ासा विवाद पैदा हो गया है. पाकिस्तान सरकार ने इस विवादास्पद हमले पर अपना विरोध जताने के लिए अमरीकी दूत को व्यक्तिगत रूप से तलब किया. उधर अमरीका ने इस हमले में जान-माल के नुक़सान पर अफ़सोस प्रकट किया है. पेंटागन ने कहा है कि अमरीकी सेना ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की थी क्योंकि तालेबान समर्थक लड़ाकों से हुई झड़पों के बाद उन पर हमला शुरु हो गया था. हालांकि अमरीकी विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी सैनिकों की मौत पर खेद जताया है और कहा है कि वहाँ मौजूद सैनिकों के बीच बेहतर संवाद और संचार की ज़रुरत है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि तालेबान समर्थक छापामारों के ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही अमरीका के नेतृत्व वाली गठबंधन सेना ने ग़लती से पाकिस्तानी सैनिकों पर गोलीबारी कर दी. अमरीका ने माना अमरीकी सेना ने माना है कि उसी ने यह कार्रवाई की थी. अमरीका का कहना है कि सीमा में अफ़ग़ानिस्तान की ओर तैनात अमरीकी सैनिकों पर जब तालेबान समर्थकों के हमले शुरु हुए तो जवाब में सेना ने ज़मीनी और हवाई हमले किए. तालेबान के एक प्रवक्ता ने कहा है कि इसमें तालेबान के आठ लड़ाके भी मारे गए हैं. हालांकि अफ़ग़ानिस्तान की साझा कमान ने अपने बयान में पाकिस्तानी सैनिकों की मौत का कोई ज़िक्र नहीं किया. वॉशिंगटन से बीबीसी संवाददाता किम घैटास का कहना है कि यह विवाद ऐसे समय में खड़ा हुआ है जब अमरीका और पाकिस्तान इस सवाल पर वैसे भी आमने-सामने हैं कि सीमा पर चमरपंथियों से कैसे निपटा जाए. पाकिस्तान नाराज़ इस हमले पर पाकिस्तानी सेना ने नाराज़गी जताई है. पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि "यह पूरी तरह से बेवजह और कायरतापूर्ण हमला है जिसके लिए गठबंधन सेना ज़िम्मेदार हैं." प्रवक्ता ने कहा, "इस हमले ने गठबंधन सेना के साथ पाकिस्तान की सहयोग की बुनियाद पर ही चोट कर दी है." पाकिस्तानी सेना ने इस हमले पर 'कड़ा विरोध' जताया है. सैनिक गठबंधन (नैटो) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इस हमले में गठबंधन सैनिक नहीं बल्कि अमरीकी सैनिक शामिल थे. इससे पहले भी अमरीकी सेना ने पाकिस्तानी सीमा के भीतर कई बार मिसाइल हमले किए हैं जिन्हें पाकिस्तान अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानता है. ये घटना पाकिस्तान-अफ़ग़ानिस्तान की सीमा पर मोहमंद क्षेत्र में हुई जो एक क़बायली इलाक़ा है और अफ़ग़ानिस्तान के कुनड़ प्रांत से सटा हुआ है. अधिकारियों ने नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर बताया कि मृतकों में से ग्यारह पाकिस्तानी सैनिक हैं. तालेबान के एक प्रवक्ता का कहना था कि लड़ाई में आठ तालेबान लड़ाके भी मारे गए. | इससे जुड़ी ख़बरें अमरीकी हमले में पाक सैनिक मारे गए11 जून, 2008 | भारत और पड़ोस अल क़ायदा ने ली हमले की ज़िम्मेदारी05 जून, 2008 | भारत और पड़ोस इस्लामाबाद में विस्फोट, छह की मौत02 जून, 2008 | भारत और पड़ोस 'पाकिस्तान में चरमपंथियों को पनाह'05 जून, 2008 | भारत और पड़ोस वज़ीरिस्तान में हमला, 32 की मौत23 जून, 2007 | भारत और पड़ोस क्वेटा में सैनिकों पर हमला, नौ की मौत15 जून, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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