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शुक्रवार, 23 मई, 2008 को 16:55 GMT तक के समाचार
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उत्तरप्रदेश के मुख्य सचिव का इस्तीफ़ा

मायावती और उनके प्रमुख सलाहकार सतीश मिश्र
मायावती उच्च जातियों को साथ लेकर चलने के नारे पर चुनाव जीता था
उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव प्रशांत कुमार मिश्र ने मुख्यमंत्री मायावती के साथ गंभीर मतभेदों की वजह से शुक्रवार को अचानक ही अपने पद से त्यागपत्र देकर स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का निर्णय ले लिया है.

प्रशांत कुमार मिश्रा भारतीय प्रशासनिक सेवा यानी आईएएस के 1972 बैच के वरिष्ठ अधिकारी हैं.

माना जा रहा है कि इस सेवानिवृत्ति के पीछे की वजह राज्य के कैबिनेट सचिव शशांक शेखर और मुख्यमंत्री के प्रमुख सलाहकार सतीश मिश्रा से भी उनके मतभेद हैं.

सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान यह मतभेद और उभरकर सामने आ गए.

जानकार सूत्रों के अनुसार एक ग़ैरसरकारी संस्था को राजधानी लखनऊ मे 70 एकड़ ज़मीन देने का प्रस्ताव त्यागपत्र का तात्कालिक कारण बना.

इस बैठक में मुख्य सचिव ने कुछ ऐसी टिप्पणियाँ कीं जो मुख्यमंत्री और कैबिनेट सचिव को नागवार गुज़रीं.

अतुल कुमार गुप्ता
नए मुख्य सचिव अतुल कुमार गुप्ता ने कार्यभार संभाल लिया है

सूत्रों के अनुसार प्रशांत कुमार मिश्र ने मंत्रिमंडल की बैठक में कहा कि वर्तमान व्यवस्था में कई काम नियमों का उल्लंघन करके हो रहे हैं इनके बारे में मंत्रिमंडल को अवगत कराया जाना चाहिए.

जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री मायावती ने उनकी टिप्पणियों पर आपत्ति ज़ाहिर करते हुए कहा कि वो अपनी टिप्पणियाँ वापस लें.

जब प्रशांत मिश्र ने ऐसा करने से मना कर दिया तो उन्हें इशारा दिया गया कि वो कोई दूसरा पद ले लें.

इस पर मुख्य सचिव ने अपना त्यागपत्र यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति का पत्र सौंप दिया.

प्रशांत कुमार मिश्र ने अपना इस्तीफ़ा सरकार सौंपने के बाद कहा, "मैंने अपनी सेवा का सम्मान बनाए रखने की ख़ातिर इस्तीफ़ा दिया है."

राजनीतिक मतभेद

इसके अलावा प्रशांत मिश्र ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों को संबोधित करते हुए लिखे गए एक काव्यात्मक पत्र में कहा है कि जो भी लोग उच्च पदों पर हैं, वे सिद्धांतों के लिए त्याग और बलिदान से न चूकें.

सेवा के सम्मान की ख़ातिर
 मैंने अपनी सेवा का सम्मान बनाए रखने की ख़ातिर इस्तीफ़ा दिया है.
प्रशांत कुमार मिश्र

प्रशांत मिश्र का त्यागपत्र स्वीकारते हुए उनकी जगह अतुल गुप्ता को मुख्य सचिव बना दिया गया है.

अतुल गुप्ता अभी तक औद्योगिक उत्पादन आयुक्त की ज़िम्मेदारी संभाल रहे थे.

ऐसी भी ख़बरें हैं कि प्रशांत मिश्र अब अपने आध्यात्मिक अनुभव और मौजूदा मुख्यमंत्री मायावती के साथ अपने कामकाज के अनुभवों के आधार पर एक किताब भी लिखने वाले हैं.

ग़ौरतलब है कि राज्य के प्रशासनिक अधिकारियों के बीच इस बात को लेकर असंतोष नज़र आता रहा है कि मुख्यमंत्री मायावती ने एक ग़ैर-प्रशासनिक अधिकारी शशांक शेखर को प्रदेश का कैबिनेट सचिव क्यों नियुक्त किया.

शशांक शेखर एक पायलट हैं और प्रशासनिक सेवा से उनका ताल्लुक नहीं रहा है लेकिन मुख्यमंत्री मायावती ने कुछ समय पहले उन्हें राज्य के कैबिनेट सचिव का दर्जा दे दिया था और उनके पद को मुख्य सचिव से भी ज़्यादा बड़ा कर दिया था.

प्रशांत कुमार मिश्र उडीसा के निवासी हैं और उनकी छवि एक ईमानदार और उसूलों पर टिकने वाले अधिकारी की रही है.

प्रेक्षकों का कहना है कि प्रशांत कुमार मिश्र के त्यागपत्र से मुख्यमंत्री को राजनीतिक नुक़सान हो सकता है.

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