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आत्मघाती हमले में छह की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पूर्वी अफ़ग़ानिस्तान में एक आत्मघाती हमले में हमलावर के अलावा चार अफ़ग़ान सैनिक और एक बच्चे की मौत हो गई है. सरकारी अधिकारियों के अनुसार ख़ोस्त प्रांत में हुए इस हमले में चार सैनिक घायल हुए हैं. अधिकारियों का कहना है कि जब एक सड़क पर जा रहा सैन्य क़ाफ़िला सड़के के गड्ढों की वजजह से धीमा हुआ तो बमधारक ने स्वंय को उड़ा दिया. आत्मघाती हमलावर देश के दक्षिण और पूर्व में तालेबान विद्रोहियों का मुक़ाबला कर रहे अफ़ग़ान सैनिकों को अकसर निशाना बनाते रहते हैं. अधिकारियों ने बताया कि हमला ख़ोस्त शहर से 12 किलोमीटर दूर पश्चिम में हुआ. तालेबान प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद ने रिपोर्टरों से कहा कि उनका गुट इस हमले के लिए ज़िम्मेदार है. संवाददाताओं का कहना है कि तालेबान के नेतृत्व वाले विद्रोहियों ने इस साल अब तक लगभग 1200 लोगों को मार दिया है. हमले बढ़ाने का संकल्प तालेबान विद्रोहियों ने 2007 में 140 से अधिक आत्मघाती हमले किए और उन्होंने इस वर्ष इन हमलों की तादाद बढ़ाने का प्रण किया है. संवाददाताओं का कहना है कि चरमपंथी पश्चिम-समर्थक अफ़ग़ान सरकार का तख़्त पलटने और विदेशी सैनिकों को अफ़ग़ानिस्तान से बाहर खदेड़ने के अपने प्रयासों के तहत प्रायः अफ़ग़ान और अंतरराष्ट्रीय सैन्य बलों को निशाना बनाते हैं. उधर,अफ़ग़ानिस्तान के पुलिस उप प्रमुख अब्दुल सबूर अलायेर ने एपी समाचार एजेंसी को बताया कि हिंसा की एक अन्य घटना में अस्मोर ज़िले में रॉकेट से किए गए एक हमले में एक स्कूली छात्र की मृत्यु हुई है और चार अन्य घायल हुए हैं. उनका कहना है कि हमले का शिकार हुए बच्चे आठ से 14 वर्ष आयुवर्ग के थे. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष, यूनीसेफ़ का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान में पिछले वर्ष स्कूलों पर 236 हमले हुए क्योंकि विद्रोही स्कूल बंद कर कर लड़कों को इस्लामी चरमपंथियों का साथ देने के लिए बाध्य कर रहे थे. | इससे जुड़ी ख़बरें तालेबान हमले में 11 पुलिसवालों की मौत14 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस अफ़ग़ानिस्तान में तीन हमले23 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस हमले में 15 अफ़गान नागरिक मरे29 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस 'नागरिक मर रहे हैं अफ़ग़ानिस्तान में'05 मई, 2008 | भारत और पड़ोस हिंसक प्रदर्शन में तीन की मौत22 मई, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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