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हिंसक प्रदर्शन में तीन की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
इराक़ में एक अमरीकी सैनिक के हाथों क़ुरान के अपमान के ख़िलाफ़ अफ़ग़ानिस्तान में हो रहा प्रदर्शन हिंसक हो गया और इसमें तीन लोग मारे गए. मारे गए लोगों में दो अफ़ग़ान नागरिक हैं और एक नैटो का सैनिक है. कुल 17 लोग घायल भी हुए हैं. अफ़ग़ानिस्तान के चागचरान में कोई एक हज़ार लोग प्रदर्शन कर रहे थे और जब उन्होंने नैटो के एक कैंप को नुक़सान पहुँचाने की कोशिश की तो हिंसा भड़क उठी. उल्लेखनीय है कि इस सप्ताह की शुरुआत में इराक़ में एक फ़ायरिंग रेंज में क़ुरान की एक क्षतिग्रस्त प्रति मिली थी. कहा गया था कि एक सैनिक ने क़ुरान पर निशाना साधकर गोलियाँ चलाईं थीं. अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसके लिए खेद ज़ाहिर किया था और कहा था कि दोषी सैनिक को सज़ा दी जाएगी. प्रदर्शन अफ़ग़ानिस्तान के ग़ोर प्रांत की राजधानी चागचरान में नैटो के एक कैंप के सामने प्रदर्शन कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि जब प्रदर्शनकारियों ने इस कैंप को नष्ट करने की कोशिश की तो पुलिस के साथ हिंसक झड़पें शुरु हो गईं और बाद में गोलीबारी शुरु हो गई. अधिकारियों का कहना है कि प्रदर्शनकारी अमरीका विरोधी नारे लगा रहे थे और कैंप पर पत्थर फेंक रहे थे. उन्होंने कैंप का गेट तोड़कर भीतर प्रवेश करने की कोशिश भी की. पश्चिमी अफ़ग़ानिस्तान में पुलिस के प्रमुख जनरल इकरामुद्दीन यावर ने कहा, "प्रदर्शन के दौरान गोलीबारी शुरु हो गई और दो नागरिकों की मौत हो गई. हमें पता नहीं है कि उन्हें किसने मारा." नैटो ने कहा है कि हिंसक झड़पों में 10 अफ़ग़ान पुलिस कर्मी और सात नागरिक घायल भी हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें पैग़ंबर मोहम्मद के कार्टून का विरोध05 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस क़ुरान के अनुवाद पर विवाद04 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस इलाहाबाद में हिंसा के बाद कर्फ़्यू01 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'क़ुरान के अपमान' पर विरोध प्रदर्शन27 मई, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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