|
गुजरात: केंद्र पीड़ितों को मुआवज़ा देगा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वर्ष 2002 में गुजरात में हुए सांप्रदायिक दंगों के पीड़ित लोगों को एक राहत और पुनर्वास पैकेज देने का फ़ैसला किया है. गुजरात में 27 फ़रवरी को साबरमती एक्सप्रेस की एक बोगी में लगी आग में 58 लोग मारे गए थे जिनमें से अधिकतर हिंदू थे. इसके बाद राज्य में दंगे भड़क उठे थे जिनमें लगभग दो हज़ार लोग मारे गए थे. दंगों में मारे जाने वाले अधिकतर लोग मुस्लिम समुदाय के थे. व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति समाचार एजेंसियों के अनुसार गुरुवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में दंगा-पीड़ितों को राहत और पुनर्वास राशि देने का फ़ैसला किया गया है. ग़ौरतलब है कि राज्य सरकार घर-संपत्ति को हुए नुकसान के लिए पहले ही 30.1 करोड़ रुपए का मुआवज़ा दे चुकी है. वित्त मंत्री पी चिदंबरम के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल ने फ़ैसला किया है ऐसी व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति के लिए मुआवज़ा दिया जाए जिसका बीमा नहीं हुआ था. ऐसे मामलों में राज्य सरकार के दिए मुआवज़े का दस गुना मुआवज़ा दिया जाएगा लेकिन इसमें से राज्य सरकार के दिए मुआवज़े की राशि घटा दी जाएगी. चिदंबरम का कहना था, "व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्ति जिसका बीमा नहीं हुआ था, उसके बारे में आँकड़े जुटाए जा रहे हैं और जितना मुआवज़ा देने की ज़रूरत है, हो सकता है कि उतना पैसा न दिया जा सके. लेकिन कोशिश ये है कि ऐसी संपत्ति को पहुँची क्षति के लिए कुछ मुआवज़ा ज़रूर दिया जाए." | इससे जुड़ी ख़बरें फ़ोरेन्सिक विशेषज्ञों से पूछताछ हुई20 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस गोधरा काँड को दो बरस हुए27 फ़रवरी, 2004 | भारत और पड़ोस बिलकीस मामले की सुनवाई शुरू02 सितंबर, 2004 | भारत और पड़ोस गुजरात में क़ब्रगाह मिली27 दिसंबर, 2005 | भारत और पड़ोस आग बाहर से नहीं लगाई गई: समिति17 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस आग साज़िश का नतीजा थी:जाँच दल17 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||