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जयपुर धमाके: तीन और स्केच जारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
जयपुर मे हुए सिलसिलेवार बम धमाकों के लिए ज़िम्मेदार लोगों के बारे में पुलिस के हाथ फ़िलहाल कोई अहम सुराग नही लगा है, हालाँकि पुलिस सात संदिग्ध लोगों के स्केच जारी कर चुकी है. मंगलवार को हुए धमाकों में 63 लोग मारे गए थे और अनेक अन्य घायल हो गए थे. पुलिस का विशेष ध्यान बांग्लादेशी नागरिकों पर है क्योंकि धमाकों मे एक बंगलादेशी गुट का नाम सामने आया है. जयपुर पुलिस के उपमहानिरीक्षक सौरभ श्रीवास्तव ने बीबीसी को बताया, "विशेष जाँच दल ने सवाई माधोपुर के प्रतिबंधित इस्लामी छात्र संगठन सिमी के एक कार्यकर्ता को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ चल रही है." पुलिस का कहना है की बंगलादेशी नागरिकों से भी पूछताछ की जा रही है और जयपुर में रहने वाले चालीस ऐसे बांग्लादेशी नागरिक हैं जिनका आपराधिक इतिहास है. राज्य सरकार ने जाँच की दिशा पर संतोष व्यक्त किया है और कहा है कि पुलिस दूसरे राज्यों के साथ संपर्क में है. जाँच के लिए एक विशेष टीम गठित कर दी गई है जो पूछताछ और खोजबीन कर रही है. सात लोगों के स्केच जारी पुलिस ने इन धमाकों मे कथित तौर पर लिप्त तीन और संदिग्ध लोगों के रेखा-चित्र जरी किए है. चार लोगों के रेखा-चित्र पहले ही जारी किए जा चुके हैं. पुलिस बीस लोगों से पूछताछ कर चुकी है. पुलिस के अनुसार विस्फोट करने वालों ने घटना के दिन जयपुर के किशनपोल बाज़ार की आठ दुकानों से साइकिलें ख़रीदी थीं. इनमें से दो के बारे में निश्चित तौर पर पता नही चला है की वे किस दुकान से खिरीदी गई थीं. श्रीवास्तव कहते हैं, "इन घटनाओं में दस साइकिलें इस्तेमाल हुई थीं. इनमें से एक में विस्फोट नही हुआ. आठ जगहों पर नौ साइकिलें थीं, एक स्थान पर दो साइकिलें थीं, जो जयपुर मे चांदपोल हनुमान मंदिर के पास रखी गई थीं. इनमें से अब दो साइकिलों के विक्रेता के बारे में पता नही चल सका है." जयपुर के पुलिस उपमहानिरीक्षक सौरभ श्रीवास्तव का कहना था, "दो साइकिलें किस दुकान से किसने ख़रीदीं, इस बारे मे जल्दी ही पता लगा लिया जाएगा." उनके अनुसार साइकिलों पर रखे थैलों के बारे मे भी खोजबीन की जा रही है. 52 शवों की पहचान हुई
संसदीय कार्य मंत्री राजेंद्र राठौर का कहना है कि शाहिबाबाद से मिले ई-मेल के बरे मे भी पता लगाया जा रहा है. उनका कहना था कि जिस कंप्यूटर से ये भेजा गया, उसकी हार्ड डिस्क भी मिल चुकी है और राजस्थान पुलिस लगातार उत्तर प्रदेश पुलिस के संपर्क में है. पुलिस के मुताबिक, अब तक 52 शवों की पहचान हो चुकी है लेकिन 11 शव ऐसे भी हैं जिनकी पहचान नहीं हो पाई है. माना जा रहा है कि इनमें से आधे से ज़्यादा भिखारी थे, जो मंदिरों के बाहर बैठे रहते थे. पुलिस ये भी ध्यान रख रही है की कहीं इनमे कोई हमलावर ही तो नहीं था. जयपुर के रेलवे स्टेशन की पार्किंग पर मिली एक कार के मालिक की पहचान कर ली गई है. वह लखनऊ के अफ़ज़ल की है जो अपनी माता की बीमारी की ख़बर मिलने के बाद चेन्नई चले गए थे. लेकिन उनसे भी पूछताछ की जा रही है. इस दोरान राज्य में सत्ताधारी भाजपा की सरकार और केंद्र के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है. केंद्रीय गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जयसवाल ने कहा था की राजस्थान को पहले ही सावधान रहने को कह दिया गया था. मगर संसदीय मंत्री राठौर कहते है कि ये सही नही है, क्योंकि कोई विशिष्ट तरह की सूचना नही दी गई थी. |
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