|
असम में चौदह लोगों को मारने का दावा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम में हुई ताज़ा हिंसा में अलगाववादियों ने चौदह लोगों को मारने का दावा किया है. उत्तरी कछार ज़िले में रेलवे लाइन को भी नुकसान पहुँचाया गया है. अलगाववादी संगठन 'ब्लैक विडो' के उप कमांडर मोरोंग दिमसा ने बीबीसी को बताया कि उनके हथियारबंद दस्ते ने गुरुवार को उत्तरी कछार ज़िले में एक सीमेंट कंपनी के पाँच ट्रकों को जला दिया है और उनके चालकों की हत्या कर दी है. मोरोंग दिमसा ने बताया कि चालकों के अलावा सीमेंट की बोरियाँ उठाने वाले सात मज़दूरों की भी हत्या कर दी गई है. हालाँकि पुलिस का कहना है कि उन्हें मारे गए लोगों के शव नहीं मिले हैं. पुलिस ने आशंका जताई है कि ये शव घने जंगलों में फेंक दिए गए होंगे. 'ब्लैक विडो' के एक दस्ते ने उत्तरी कछार ज़िले में ही कलाचंद और दमचेर्रा रेलवे स्टेशनों के बीच एक ट्रेन को रोक कर दो रेलकर्मियों की हत्या कर दी. रेलवे निशाने पर रेल अधिकारी शंभू प्रसाद चौधरी ने बताया, "चालक ने देखा कि रेलवे लाइन पर फिश प्लेट हटे हुए हैं और वह नीचे उतर कर पटरी पर गया. तभी विद्रोहियों ने उसे गोली मार दी. एक ट्रैकमैन भी मारा गया और दूसरा गंभीर रुप से घायल है." उन्होंने कहा, "विद्रोही संगठन रेलकर्मियों को निशाना बना रहे हैं, इसे देखते हुए हम इस इलाक़े से रेलकर्मियों को हटा रहे हैं." हालाँकि ये स्पष्ट नहीं है कि लंबडिंग और दमचेर्रा के बीच रेलगाड़ियाँ चलेंगी या नहीं. इससे पहले रविवार को विद्रोही हमले में रेलवे के निर्माण काम में लगे आठ मज़दूरों की मौत हो गई थी. | इससे जुड़ी ख़बरें असम में छह और लोगों की हत्या04 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस असम में हिंसा के लिए कौन हैं ज़िम्मेदार?20 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस अल्फा के ख़िलाफ़ सैनिक अभियान09 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस असम में तीन और हिंदीभाषियों की हत्या16 मई, 2007 | भारत और पड़ोस 'किसी भी स्थिति में हिंसा बर्दाश्त नहीं'16 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस आदिवासियों की रैली के दौरान हिंसा24 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||