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सोमवार, 05 मई, 2008 को 06:11 GMT तक के समाचार
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झुक गए सोमनाथ, फ़ैसला वापस लेंगे
सोमनाथ चटर्जी
लोकसभा अध्यक्ष के फ़ैसले के ख़िलाफ़ एनडीए नेताओं ने ये फ़ैसला किया
लोक सभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी ने कहा है कि 32 सासंदों के नाम विशेषाधिकार समिति को भेजने का अपना फ़ैसला वे वापस ले लेंगे.

पिछले छह दिनों से चल रहे विवाद पर पर्दा डालते हुए सोमनाथ चैटर्जी ने कहा, "मैं मामले पर दोबारा विचार कर रहा हूँ और मैं इसे वापस लेता हूँ."

लोक सभा अध्यक्ष ने नरमी बरतते हुए कहा कि सदन में राजनीतिक दलों के नेताओं ने जो आश्वासन दिया है कि सदन के कामकाज को सुचारू रूप से चलाने में सब लोग सहयोग देंगे.

सोमवार को सदन की कार्यवाही जब शुरू हुई तो लोकसभा अध्यक्ष के 32 सांसदों के नाम विशेषाधिकार समिति को भेजने के फ़ैसले के ख़िलाफ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने लोकसभा में मौन व्रत रखने का निर्णय लिया.

एनडीए के सांसद अपने मुँह पर उंगली रखकर संसद की कार्यवाही में शामिल हुए.

कार्यवाही के दौरान सदन में सत्तापक्ष के नेता प्रणव मुखर्जी और विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया कि अध्यक्ष अपने फ़ैसले पर पुनर्विचार करें.

इसके बाद ही सोमनाथ चटर्जी ने सासंदों के नाम विशेषाधिकार समिति को भेजने के फ़ैसले पर पुनर्विचार करने की घोषणा की और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई.

विवाद

दरअसल, विवाद वहाँ से उपजा जब पिछले हफ़्ते बढ़ती महँगाई के मुद्दे पर लोक सभा में ज़बर्दस्त हंगामा हुआ और कुछ सांसद सरकार के ख़िलाफ़ नारे लगाते हुए लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के आसन के पास पहुँच गए थे.

सोमनाथ चटर्जी ने कहा था कि ये 32 सांसद लोकसभा की कार्यवाही में बाधा डाल रहे थे. उन्होंने 32 सांसदों के नाम कार्रवाई निर्धारण के लिए संसद कि विशेषाधिकार समिति को भेज दिए थे.

इसको लेकर विपक्षी दल के सांसद सोमनाथ चटर्जी से बेहद नाराज़ थे और सांसदों का कहना था कि लोकसभा अध्यक्ष को सांसदों के विरोध पर इस तरह कार्यवाही नहीं करनी चाहिए.

इसी को ध्यान में रखते हुए विपक्ष सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विरोध के पूरे तेवर में आ चुका था.

संसद में अपनी रणनीति तय करने के लिए एनडीए नेताओं ने सोमवार सुबह विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी के नेतृत्व में एक बैठक की जिसमें विरोध का ये फ़ैसला किया गया.

 लोक सभा में विपक्षी सांसद पूरे दिन मौन रखेंगे और मंगलवार को अगली रणनीति के लिए फिर बैठक होगी
विजय कुमार मल्होत्रा, भाजपा नेता

भाजपा के लोक सभा में उपनेता विजय कुमार मल्होत्रा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा,'' लोक सभा में विपक्षी सांसद पूरे दिन मौन रखेंगे और मंगलवार को अगली रणनीति के लिए फिर बैठक होगी.''

उनका कहना था कि आगामी कुछ दिनों तक इस मुद्दे पर विचार के लिए हर दिन बैठक होगी.

दूसरी ओर काँग्रेस और वाम दलों ने एनडीए के इस फ़ैसले की निंदा की है. इन दलों ने इसे संसदीय प्रणाली के विरुद्ध बताया है.

भाजपा और उसके सहयोगी दलों ने कहा है कि वे मुद्रास्फीति जैसे मुद्दे को उठा रहे थे.

ग़ौरतलब है कि इन 32 सांसदों में से अधिकतर विपक्षी दलों के हैं और सबसे ज़्यादा सांसद भाजपा के हैं.

भाजपा नेता विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि सांसद जनता के प्रतिनिधि हैं. उनका कहना था,'' अगर हम जनता से जुड़े मुद्दे नहीं उठाएँगें तो फिर संसद में हमारा क्या काम है.''

उधर काँग्रेस के मुख्य सचेतक मधुसूदन मिस्त्री ने सवाल उठाया कि संसद सदस्यों का सदन के बीचों बीच आकर हल्ला करना कहाँ तक उचित है.

मिस्त्री ने कहा कि 32 सदस्यों को विशेषाधिकार समिति के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.

लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जीव्यवहार की जांच होगी
लोकसभा के 32 सदस्यों के व्यवहार की जांच संदस की विशेषाधिकार समिति करेगी.
सोमनाथ चटर्जीसंसद स्थगित
विपक्ष के हंगामे के बाद संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही स्थगित.
सोमनाथ चटर्जीदसवीं बार में ऊँची कुर्सी
दसवीं बार जीतकर लोकसभा में आए सोमनाथ चटर्जी का राजनीतिक सफ़रनामा.
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