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माओवादियों के बंद के दौरान हिंसा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तीन राज्यों में माओवादियों के घोषित बंद के दौरान झारखंड में कई जगहों पर हिंसा हुई है. माओवादियों ने दो लोगों की हत्या कर दी है. बढ़ती महँगाई के ख़िलाफ़ पश्चिम बंगाल, झारखंड के दो ज़िलों और उड़ीसा में माओवादियों ने चौबीस घंटे के बंद का आयोजन किया है. झारखंड में सरायकेला-खरसाँवा और पूर्वी सिंहभूम ज़िले में बंद का असर दिखाई दे रहा है. बंद के दौरान ही शनिवार सुबह राष्ट्रीय राजमार्क संख्या 33 पर चांडिल के निकट माओवादियों ने कुछ ट्रकों पर हमला कर दिया और अंधाधुंध फ़ायरिंग की. झारखंड पुलिस के प्रवक्ता राजकुमार मलिक ने बताया कि फ़ायरिंग की चपेट में एक ट्रक पलट गया और उसमें आग लग गई. आग लगने से ड्राइवर की झुलस कर मौत हो गई जबकि दो सह चालकों को गोलियाँ लगी. इनमें से एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया जबकि दूसरे को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. ऐसी ख़बरें हैं कि कई और लोग भी हिंसा में घायल हुए हैं. मौके पर पहुँची पुलिस और विद्रोहियों के बीच भी गोलीबारी हुई है. कुछ दिनों पहले भी माओवादियों ने झारखंड के गढ़वा ज़िले में अपने आठ सदस्यों की पुलिस मुठभेड़ में हुई मौत के ख़िलाफ़ पाँच दिनों के बंद का आह्वान किया था. उस समय भी कई जगहों पर हिंसा हुई थी और माओवादियों ने कई रूटों पर रेल यातायात बाधित कर दी थी. | इससे जुड़ी ख़बरें माओवादियों का पाँच राज्यों में बंद 15 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस माओवादियों की गोलीबारी, आठ मरे08 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस नक्सली विस्फोट में 11 घायल02 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस मुठभेड़ में आठ नक्सली मारे गए01 अप्रैल, 2008 | भारत और पड़ोस हिंसा प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद20 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'विकास का लाभ कमज़ोर वर्ग को मिले'25 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस 'नक्सलवाद के ख़िलाफ़ विशेष बल बने'20 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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