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गुरुवार, 20 मार्च, 2008 को 20:26 GMT तक के समाचार
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हिंसा प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद
गुजरात दंगे का एक दृश्य
हिंसा में मारे गए निर्दोष लोगों को मुआवज़ा देने की कोई नीति अब तक नहीं थी
यूपीए सरकार ने उस योजना को मंज़ूरी दे दी है जिसके तहत देश भर में हिंसा के शिकार लोगों के परिवारजनों को तीन लाख तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी.

इसके दायरे में 'आतंकवादी हिंसा', नक्सली हिंसा और सांप्रदायिक हिंसा मारे गए लोगों के परिवार आएँगे.

यह लंबे समय से विचाराधीन एक मांग थी जिस पर केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने गुरुवार को अपनी मुहर लगाई है.

इस फ़ैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री प्रियरंजन दासमुंशी ने कहा कि नेशनल फ़ाउंडेशन ऑफ़ कम्युनल हार्मोनी (एनएफ़सीएच) इस परियोजना को चलाएगी.

उन्होंने बताया कि इस योजना की अधिसूचना जारी होने के साथ ही यह लागू हो जाएगी.

सूचूना प्रसारण मंत्री दासमुंशी ने कहा कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लिए जो नियम क़ायदे लागू हैं वो सामान्य नागरिकों पर लागू नहीं होंगे.

उन्होंने बताया कि पीड़ित लोगों के खाते में तीन लाख तक की रकम हादसे के तत्काल जमा कर दी जाएगी. इस रकम का ब्याज त्रैमासिक किस्तों में पीडितों को मिलेगा और तीन साल बाद परिवारजन यह रकम बैंक से निकाल सकेगें.

दासमुंशी ने कहा की इस सन्दर्भ में विस्तृत योजना बन रही है.

उन्होंने कहा कि इस योजना के लागू होने के बाद स्थाई रूप से विकलांग लोगों को भी लाभ मिलेगा.

एक दूसरे फ़ैसले में गाँव में रह रहे लोगों को इंदिरा आवास योजना के तहत मिलने वाली सहायता 25 हज़ार से बढ़ा कर 35 हज़ार करने का फैसला लिया गया है.

पहाड़ी इलाकों के लिए यह सहायता ग्यारह हज़ार से अड़तीस हज़ार पांच सौ तक बढ़ा दी गई है.

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