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बिहार में भीड़ ने क़ानून हाथ में लिया | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार में लोगों के का़नून हाथ में लेने का मामला एक बार फिर सामने आया है. हाजीपुर में भीड़ ने एक हत्या के आरोप में पुलिस हिरासत में बंद एक शख्स को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया. ख़बरों के अनुसार रवि कुमार अपने साथी की एक हत्या के आरोप में बंद था और इस दौरान हुई हिंसा में घायल होने के कारण पुलिस उसे अस्पताल लाई थी. उसे पुलिस सुरक्षा में अस्पताल लाया गया था लेकिन भीड़ ने पुलिस की मौजूदगी में हथकड़ियों में क़ैद इस शख्स पर हमला बोल दिया और बेरहमी से उसके साथ मारपीट की. मुजफ्फरपुर रेंज के पुलिस उप महानिदेशक अरविंद पांडे ने बताया कि हाजीपुर थाना प्रभारी को इस मामले में निलंबित कर दिया गया है और अन्य जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के ख़िलाफ़ सख्त कार्रवाई की जा रही है. साथ ही भीड़ के कुछ लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर भी दर्ज की जा चुकी है. हालत गंभीर पुलिस का कहना है कि भीड़ के गुस्से के शिकार हुए इस शख्स की हालत गंभीर बनी हुई है. हाजीपुर के पुलिस अधीक्षक पारसनाथ ने बीबीसी से बातचीत में स्पष्ट किया कि पुलिसकर्मी पीटने की घटना में भीड़ के साथ शामिल नहीं थे. लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया ये पुलिसकर्मी रवि कुमार को भीड़ के आक्रोश से बचा पाने में विफल रहे. उल्लेखनीय है कि गत वर्ष बिहार के वैशाली ज़िले में चोरी के आरोप में ग्रामीणों ने दस लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. दूसरी ओर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने शनिवार को दिल्ली में न्याय सुधारों पर आयोजित सम्मेलन में क़ानून अपने हाथ में लेने की बढ़ती घटनाओं से आगाह किया. उनका कहना था, '' निश्चित रूप से हम ऐसी स्थिति की अनुमति नहीं दे सकते हैं जहाँ कोई क़ानून अपने हाथ में ले और भीड़ हिंसा पर उतारू हो जाए.'' |
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