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बिहार पुलिस को कमर कसने की सलाह | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से कहा है कि वे अपराधियों के ऊपर अपनी बढ़त क़ायम करें. नीतीश कुमार ने राज्य के पुलिस अधीक्षकों के साथ छह घंटे लंबी बैठक की, यह पिछले आठ वर्षों में इस तरह की पहली बैठक थी. मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने वादा किया था कि राज्य में क़ानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी. लेकिन यह विडंबना ही है कि उनके मुख्यमंत्री बनने के बाद से पिछले दो महीनों में अपराध के ग्राफ में कोई कमी नहीं दिख रही है. बिहार में पिछले दो महीनों में अपहरण की 14 वारदातें हुई हैं जिनमें से तीन अपहृत लोगों की हत्या कर दी गई. यह बैठक मुख्यमंत्री की पहल पर बुलाई गई थी जिसका उद्देश्य इस बात पर विचार करना था कि बढ़ते हुए अपराध पर किस तरह लगाम लगाई जाए. बिहार के पुलिस महानिदेश आशीष रंजन सिन्हा ने पत्रकारों को बताया कि मुख्यमंत्री ने पुलिस से कहा है कि वह अपराधियों से हमेशा एक क़दम आगे रहे और सिर्फ़ अपराध होने के बाद जाँच न करे बल्कि पहले क़दम उठाए. इसके अलावा मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उनका काम सिर्फ़ बंदूक चलाना ही नहीं है बल्कि उन्हें विकास के कार्यों में भी सहभागिता करनी चाहिए. इस बैठक में हर ज़िले के पुलिस अधीक्षक से अलग-अलग बातचीत की गई और उन्हें अपनी बात रखने का मौक़ा दिया गया. ज़्यादातर पुलिस अधिकारियों का कहना था कि संसाधनों की कमी उनकी सबसे बड़ी समस्या है लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस को फ़िलहाल कमर कसकर काम करना चाहिए, उन्हें जल्द ही संसाधन उपलब्ध कराए जाएँगे. मुख्यमंत्री ने ज़ोर देकर कहा कि बार-बार अपराध करने वाले लोगों को अदालत से सज़ा दिलाने की पूरी कोशिश पुलिस को करनी चाहिए. | इससे जुड़ी ख़बरें | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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