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जनता झाँसे में फँस गई: लालू | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार के चुनाव नतीजों पर आरजेडी प्रमुख लालू यादव का कहना है कि बिहार की जनता के बीच भ्रम फ़ैलाया गया था कि उन्होंने विकास कार्य नहीं किया, वह उस झाँसे में आ गई. उनका कहना था कि नीतिश कुमार को आगे रखकर झाँसा दिया गया और जनता इसमें फंस गई. उन्होंने कहा कि वो नीतिश कुमार को व्यक्तिगत रूप से बधाई देना चाहते हैं और जनादेश खुशी खुशी स्वीकार करते हैं. लालू यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि वो नीतिश कुमार को पूरा सहयोग देंगे. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि वो विरोध कैसे करेंगे, यह समय बताएगा. उनका कहना था,'' बिहार की तरक्की और क़ानून व्यवस्था को लेकर सारा दोष हमारे मत्थे मढ़ दिया गया. कहीं कोई बुरा होता था तो ज़िम्मेदार हमें ठहराया जाता था.'' 'लोग सब समझ जाएंगे' आरजेडी प्रमुख ने कहा कि वो हार के कारणों में नहीं जाना चाहते हैं, अन्यथा लोग कहेंगे कि लालू झल्ला रहे हैं. उन्होंने कहा,'' हमारी किसी से नाराज़गी नहीं है और अब हमारा बोझ कम हो गया है. ग़रीब जनता ने झाँसे में आकर वोट दिया है और एक दो महीनों में लोग सब समझ जाएंगे.'' लालू का कहना था कि उनको बिहार की जनता ने शासन सौंपा था. लेकिन एनडीए सरकार की केंद्र में सरकार के दौरान बिहार की अनदेखी की गई और मौजूदा यूपीए सरकार के दौरान बिहार की तरक्की होने वाली थी. सामाजिक न्याय के सवाल पर लालू यादव का कहना था कि पिछड़ी और अति पिछड़ी जनता को झाँसा दिया गया. उन्होंने चुनाव आयोग और अर्धसैनिक बलों की भूमिका के बारे में टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. लालू ने कहा कि चुनाव निष्पक्ष हुए कि नहीं इस पर वो कुछ नहीं कहेंगे. लेकिन ग़रीब लोगों को लाठी मार कर भगाया गया था. |
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