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बिहारः पुलिस कार्रवाई में तीन की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार के भागलपुर ज़िले में बिजली आपूर्ति को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पिछले दो दिनों में हुई पुलिस कार्रवाई में तीन लोग मारे गए हैं. उधर राज्य सरकार को दो दिन बाद इस विवाद की सुध आई है और अब ज़िले के दो वरिष्ठ अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है. उधर इस घटना पर राजनीतिक गर्माहट भी पैदा होने लगी है. राष्ट्रीय जनतादल ने इस पुलिस फ़ायरिंग के विरोध में रविवार को राज्यव्यापी कालादिवस मनाने का ऐलान किया है. दरअसल, विवाद शुक्रवार सुबह भागलपुर ज़िले के कहलगाँव शहर में शुरू हुआ जहाँ लोग बिजली आपूर्ति में खामियों को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे थे. विरोध-प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कई हिंसक झड़पें हुईं. इस दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया और दो बार फ़ायरिंग भी की गई. पुलिस फ़ायरिंग में अभी तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. कई लोग पुलिस कार्रवाई में घायल भी हुए हैं. इस दौरान कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में भी लिया है. चिंता की बात यह है कि जिस कहलगाँव के लोग बिजली आपूर्ति को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं वहाँ बिजली उत्पादन की एक बड़ी इकाई है. अमानवीय रवैया कहलगाँव में नागरिक संघर्ष मोर्चा की ओर से स्थानीय नागरिक प्रदर्शन कर रहे थे. प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि कहलगाँव कारखाने से ज़िले के लोगों को सीधे बिजली आपूर्ति मिलनी चाहिए.
पुलिस का कहना है कि शुक्रवार को ये प्रदर्शनकारी उग्र तरीके से सड़कों पर उतर आए. उन्होंने तोड़फोड़ शुरू कर दी और हिंसक तरीके से विरोध दर्ज किया जाने लगा. इसके बाद पुलिस को विवश होकर गोलियाँ चलानी पड़ीं. उधर संघर्ष मोर्चा के लोगों का कहना है कि पुलिस ने अहिंसक और निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर बर्बरतापूर्वक हमले किए. पुलिस पर आरोप लगाया जा रहा है कि शनिवार की सुबह पुलिस ने एक घर में घुसकर दो युवाओं को बाहर निकाला और उन्हें पीटने के बाद गोली मार दी. इनमें से एक युवक की मौत हो गई है जबकि दूसरा घायल है. शनिवार की फायरिंग में युवक की मौत के बाद प्रदर्शन फिर से उग्र हो गया था. इससे पहले शुक्रवार को पुलिस फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और एक गंभीर रूप से घायल हो गया था. बाद में दूसरे घायल व्यक्ति की भी मौत हो गई थी. हैरत की बात यह है कि राज्य पुलिस प्रशासन के प्रवक्ता शनिवार दोपहर तक इस बारे में कोई भी आधिकारिक बयान देने के लिए सामने नहीं आए. शनिवार दोपहर के बाद ही राज्य के दो वरिष्ठ अधिकारी मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रभावित क्षेत्र में गए और वहाँ से अपनी रिपोर्ट पेश की. इस रिपोर्ट के आधार पर मुख्यमंत्री ने शनिवार शाम जारी बयान में कहा है कि ज़िले के चार अधिकारियों- डीएसपी, एसडीओ, बीडीओ और थाना प्रभारी का तबादला कर दिया गया है. मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को एक-एक लाख की राहत राशि देने की घोषणा की है. साथ ही गिरफ्तार लोगों की रिहाई और बिजली आपूर्ति में सुधार की बात भी कही गई है. | इससे जुड़ी ख़बरें आनंद मोहन सहित तीन को मृत्युदंड03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस बिहार में एक और आँख फोड़ कांड12 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस सिवान में क़ानून-व्यवस्था पर चर्चा22 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अवैध हथियारों का ढेर और मुंगेर14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस बिहार पुलिस को कमर कसने की सलाह18 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस नक्सलियों से बचाएंगे आवारा कुत्ते31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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