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ग्रामीणों ने दस 'चोरों' की हत्या की | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
बिहार के पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वैशाली ज़िले के ग्रामीणों ने 10 लोगों को पीट-पीटकर मार डाला है. ये लोग कथित रुप से चोरी करने गाँव पहुँचे थे. बुधवार देर रात राजापाकड़ थाना क्षेत्र के चौड़ी टोला में एक व्यक्ति के घर में चोरी हुई. चोर तमाम कीमती सामान अपने साथ ले गए. ग्रामीणों का कहना है कि गुरुवार सुबह 11 लोगों ने मुख्य सड़क पर हाजीपुर जाने के लिए टेम्पो भाड़ा करने की कोशिश की. उसी समय शक हुआ कि ये सभी चोर हैं जिन्होंने बीती रात की घटना को अंजाम दिया है. शोरगुल होने पर भारी संख्या में लोगों ने इन्हें खदेड़ना शुरू किया. अधिकतर लोग ढेलपुरवा गाँव चौक पर पकड़ लिए गए जहाँ उनकी जम कर पिटाई हुई. 10 लोगों में से अधिकतर के शव यहीं से मिले. एक व्यक्ति बेहोशी की हालत में मिला जिसे पुलिस ने हाजीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया है.
कुछ देर के लिए होश में आए इस व्यक्ति ने पुलिस को बताया है कि वह समस्तीपुर ज़िले के ताज़पुर का रहने वाला है. 'आत्मरक्षा का अधिकार' मौके पर पहुँचे तिरहुत रेंज के पुलिस महानिरीक्षक कृष्णा चौधरी ने बीबीसी को बताया, "अपने जान-माल की रक्षा करना नागरिकों का अधिकार है और वे इसके लिए कार्रवाई कर सकते हैं लेकिन सीमा से बाहर जाकर हिंसक कार्रवाई करना ग़ैर क़ानूनी है." उन्होंने बताया कि पुलिस ने दो मामले दर्ज किए हैं. एक ग्रामीणों की ओर से चोरी से संबंधित मामला दर्ज कराया गया है और दूसरा, पुलिस ने अज्ञात लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज किया है जिन्होंने कथित चोरों की हत्या की. दूसरी ओर ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने जो भी किया वो बिल्कुल सही है और न्यायसंगत है. गाँव वालों का कहना है कि इलाक़े में चोरी की घटनाएँ बढ़ गई थीं और पुलिस प्रशासन ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा था, इसलिए मजबूर होकर उन्हें ये कार्रवाई करनी पड़ी. पुलिस का कहन है कि मारे गए लोगों के पास से चोरी के सामान बरामद हुए हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें बिहार में एक और आँख फोड़ कांड12 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मुख्यमंत्री को मसखरा समझने की सज़ा29 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'ड्रेसकोड का पालन करो, नहीं तो सज़ा'29 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस सीतामढ़ी में माओवादियों का हमला01 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस अपनी बदहाली पर रोता गोपालगंज25 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस अवैध हथियारों का ढेर और मुंगेर14 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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