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'विकास का लाभ कमज़ोर वर्ग को मिले' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गणतंत्र दिवस की पूर्वसंध्या पर राष्ट्र के नाम अपने पहले संदेश में राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने कहा है कि देश के आर्थिक विकास में आई तेज़ी का लाभ समाज के कमज़ोर वर्गो तक नहीं पहुँच पाया है. साथ ही अपने संदेश में राष्ट्रपति ने आतंकवाद से मुक़ाबले के लिए सामूहिक प्रयास करने और भ्रष्टाचार के ख़ात्मे के लिए कड़े कदम उठाए जाने का भी आग्रह किया है. प्रतिभा पाटिल ने कहा कि, “अर्थव्यवस्था में तेज़ी लाने के साथ-साथ हमारा प्रयास होना चाहिए कि देश के सभी वर्ग इसमें भागीदार बन सकें. जब तक हर आँख से आंसू नहीं पोंछ दिए जाते तब तक हमारा संकल्प अधूरा रहेगा.” राष्ट्रपति ने भारत निर्माण, ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन और रोज़गार गारंटी योजना का ज़िक्र करते हुए कहा कि इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन अभी भी एक चुनौती है. उन्होंने योजनाओं को लागू करने में पारदर्शिता और समयसीमा तय करने पर ज़ोर दिया. आतंकवाद के ख़तरों के प्रति आगाह करते हुए प्रतिभा पाटिल ने कहा कि सभ्य समाज के लिए ये एक बड़ा ख़तरा है और लगातार हो रहे आतंकवादी हमलों का मुक़ाबला सामूहिक प्रयासो से ही किया जा सकता है. देश की समस्याएँ नक्सलवाद को उन्होंने अंदरूनी ख़तरा बताया और कहा कि एक लोकतंत्र में हिंसक रास्ता अख़्तियार करना अस्वीकार्य है. प्रतिभा पाटिल ने कहा कि नक्सलवाद की समस्या से सख़्ती से निपटने की ज़रूरत है. भ्रष्टाचार की समस्या का विशेष उल्लेख करते हुए प्रतिभा पाटिल ने कहा कि विकास के लिए आवंटित होने वाले धन की बर्बादी का बोझ देश सहन नहीं कर सकता. देश में तेज़ी से हो रहे आर्थिक विकास पर प्रतिभा पाटिल ने कहा कि अर्थव्यवस्था में बेहतरी से भारत विश्व स्तर पर अपनी पहचान मज़बूत कर रहा है. उन्होंनें कहा कि इस सदी में एशिया का वर्चस्व होगा और भारत एक मज़बूत देश बनकर उभरेगा. लेकिन उन्होंनें अपने संदेश में ज़ोर देकर कहा कि विकास का अर्थ पूंजी को एकत्र करना नहीं बल्कि एक ऐसे समाज का निर्माण करना है जिसमें हर व्यक्ति को समान अधिकार प्राप्त हो. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत को मिली पहली महिला राष्ट्रपति21 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'आर्थिक विकास का लाभ सबको मिले '14 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस राष्ट्र को संबोधित करेंगे मनमोहन24 जून, 2004 | भारत और पड़ोस रोज़गार और स्वास्थ्य पर ज़ोर25 जनवरी, 2005 | भारत और पड़ोस राष्ट्रीय सुरक्षा पर ज़ोर दिया राष्ट्रपति ने14 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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