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राष्ट्र को संबोधित करेंगे मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गुरूवार को राष्ट्र को संबोधित करने वाले हैं. मनमोहन सिंह ने एक महीने पहले संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की कमान संभाली थी और राष्ट्र के नाम ये उनका पहला संबोधन होगा. समझा जा रहा है कि अपने भाषण में वे अपनी सरकार की प्राथमिकताएँ गिनाएँगे. ऐसी उम्मीद की जा रही है कि उनके भाषण में मुख्य रूप से कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास से जुड़ी बातों का उल्लेख होगा. पिछले दिनों में उन्होंने ग्रामीण विकास और कृषि मंत्रालय के अधिकारियों के साथ कई बैठकें की हैं. ऐसी भी उम्मीद की जा रही है कि मनमोहन सिंह अपने भाषण में विरोधियों के इन आरोपों का जवाब दे सकते हैं कि उनकी सरकार में सत्ता के दो केंद्र हैं, विपक्ष का कहना है कि सरकार के कामकाज में सोनिया गाँधी का दख़ल सही नहीं है. प्रधानमंत्री अपने भाषण में आपराधिक मामलों में फंसे मंत्रियों को लेकर विपक्षी दलों के ज़ोरदार विरोध का भी जवाब दे सकते हैं. समाचार एजेंसी पीटीआई ने ख़बर दी है कि बुधवार रात को मनमोहन सिंह ने अपने निवास पर अपने सहयोगियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की जिसमें वर्तमान राजनीतिक परिस्थिति पर चर्चा हुई. तीन घंटे की इस बैठक में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी, गृह मंत्री शिवराज पाटिल, रक्षा मंत्री प्रणब मुखर्जी, मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुन सिंह, संसदीय कार्य मंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल शामिल हुए. पीटीआई के अनुसार बैठक में क्या चर्चा हुई इसका विस्तृत ब्यौरा किसी ने नहीं दिया मगर काँग्रेस नेता अर्जुन सिंह ने इतना बताया कि बैठक में आगामी बजट समेत सभी राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई. |
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