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काठमाँडू में हुए दो बम विस्फोट | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
संविधान सभा के अहम चुनाव के छह दिन पहले नेपाल की राजधानी काठमाँडू में लगभग एक साथ दो बम विस्फोट हुए हैं. इसमें किसी के हताहत होने की ख़बर नहीं है. एक तीसरा बम भी था लेकिन वह फटा नहीं. पुलिस का कहना है कि बम विस्फोट की ज़िम्मेदारी किसी ने नहीं ली है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि इन विस्फोटों से यह तो लगता है कि नेपाल में एक ऐसा वर्ग तो है जो चुनाव टालना चाहता है. वहाँ 10 अप्रैल को चुनाव होने हैं. संविधान सभा के चुनाव इसलिए करवाए जा रहे हैं ताकि नेपाल के नए संविधान की रचना की जा सके. इस संविधान के ज़रिए नेपाल के 240 साल पुराने राजशाही को समाप्त कर लोकतंत्र की बहाली की तैयारी की जा रही है. इस समय नेपाल में एक साझा सरकार चल रही है जिसमें माओवादी विद्रोही भी शामिल हुए हैं. माओवादियों ने नेपाल में राजशाही के ख़िलाफ़ एक दशक तक सशस्त्र संघर्ष किया है और फिर हथियार छोड़कर चुनाव के रास्ते मुख्य धारा की राजनीति में आने को राज़ी हुए हैं. विस्फोट शुक्रवार की शाम दो बम विस्फोट कुछ सौ मीटर की दूरी पर हुए. पहला बम चुनाव आयोग के कार्यालय के बगल में हुआ और दूसरा एक सरकारी मंत्रालय के पास. एक तीसरा बम एक किलोमीटर दूर माओवादियों से जुड़े एक संगठन के कार्यालय के बाहर रखा गया था लेकिन वह फटा नहीं. पुलिस का कहना है कि इन विस्फोटों के लिए किसी ने ज़िम्मेदारी नहीं ली है. लेकिन नेपाल में बम विस्फोट का सिलसिला नया है. हालांकि बम काफ़ी छोटे हैं. पिछले शनिवार को एक मस्जिद में विस्फोट हुआ था जिसमें दो लोग मारे गए थे. इसके बाद से दक्षिण नेपाल में कई विस्फोट हुए हैं जिसमें कई लोग घायल हुए हैं. काठमाँडू में ये तीन बम विस्फोट ऐसे समय में हुए हैं जबकि प्रशासन दावा कर रहा है कि चुनाव के मद्दे नज़र सुरक्षा व्यवस्था कड़ी और एकदम दुरुस्त है. चुनाव के लिए सुरक्षा बलों को देश भर में तैनात किया जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें नेपाल में धमाका, दो की मौत30 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में मधेशियों की हड़ताल ख़त्म28 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस प्रचंड की राष्ट्रपति बनने की चाह20 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में विस्फोट, सात की मौत18 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस नेपाल में चुनाव की नई तारीख़11 जनवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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