BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
शुक्रवार, 28 मार्च, 2008 को 08:02 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
पाइपलाइन पर आगे चर्चा की तैयारी
मुरली देवड़ा
गैस ढुलाई ख़र्च पर पाकिस्तान और भारत के बीच सहमति नहीं बन पाई है
भारतीय पेट्रोलियम मंत्री मुरली देवड़ा ने कहा है कि सरकार ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना पर पाकिस्तान से चल रही बातचीत को बहाल करना चाहती है.

उन्होंने कहा है कि वे इसके लिए पाकिस्तान में सरकार के गठन की प्रतीक्षा कर रहे हैं.

भारत पेट्रोलियम पदार्थों का एशिया में तीसरा बड़ा उपभोक्ता है और वह ईरान से गैस ख़रीद की परियोजना पर पिछले एक दशक से बातचीत कर रहा है.

गैस को पाकिस्तान के रास्ते भारत लाना है और इसके लिए पाकिस्तान को दी जाने वाली रक़म पर सहमति नहीं बन पाने के कारण परियोजना पर काम रुका हुआ है.

समाचार संगठन 'ब्लूमबर्ग' को दिए एक साक्षात्कार में देवड़ा ने कहा कि पाकिस्तान में नई सरकार बनने के बाद अगले सप्ताह भारतीय विशेषज्ञ पाकिस्तानी अधिकारियों से मिलेंगे.

प्राकृतिक गैसों के भंडार के मामले में दुनिया के दूसरे सबसे संपन्न देश ईरान ने वर्ष 1995 में ही भारत को गैस बेचने पर सहमति जताई थी.

तीनों देशों के संयुक्त कार्यदल की अब तक छह बैठकें हो चुकी हैं और अंतिम बैठक पिछले साल जून में नई दिल्ली में हुई थी.

पाकिस्तान जाने की तैयारी

देवड़ा ने कहा, "हम इस परियोजना को शुरू करने के लिए उत्सुक हैं. पिछले दो महीनों में छोटे-छोटे मसलों को सुलझाने के लिए हमने चार बार यात्रा की योजना बनाई लेकिन अब हम वहाँ पेट्रोलियम मंत्री के नियुक्त होने के बाद जाएँगे."

अमरीकी दबाव नहीं...
 वे हमारे सबसे बड़े व्यापारिक साझीदार हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वे हमें धौंस दिखा सकें कि हमें कहाँ से ख़रीदना है और कहाँ से नहीं
मुरली देवड़ा, भारतीय पेट्रोलियम मंत्री

भारतीय पेट्रोलियम मंत्रालय का कहना है कि बिजली पैदा करने के लिए जितने गैस की ज़रूरत है, देश में उसका आधा उत्पादन ही हो सकता है.

सरकार का अनुमान है कि अगर अर्थव्यवस्था की विकास दर सात से आठ फ़ीसदी के बीच बनी रहती है तो वर्ष 2025 तक गैस की माँग 400 मिलियन क्यूबिक मीटर रोज़ाना तक दोगुनी हो सकती है.

पाइपलाइन पर 1995 में बनी सहमति के बाद से गैस की क़ीमतें छह गुनी बढ़ चुकी हैं. ईरान की योजना है कि 2011 तक पाकिस्तान को गैस की आपूर्ति शुरू कर दी जाए.

ईरान की सरकारी गैस कंपनी का कहना है कि उसने पाइपलाइन का आधा काम पूरा कर लिया है जो रोज़ाना 110 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस की आपूर्ति कर सकता है. भारत में प्रतिदिन गैस की ख़पत लगभग 108 मिलियन क्यूबिक मीटर है.

देवड़ा ने इस तरह की ख़बरों का भी खंडन किया कि अमरीकी दबाव के कारण परियोजना में देरी हो रही है.

उन्होंने कहा, "अमरीका ने हमसे साफ़ तौर पर यह नहीं कहा कि हमें इस पाइपलाइन परियोजना पर नहीं बढ़ना चाहिए. वे हमारे सबसे बड़े व्यापारिक साझीदार हैं लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि वे हमें धौंस दिखा सकें कि हमें कहाँ से ख़रीदना है और कहाँ से नहीं."

चीन की नज़र?

ईरान और पाकिस्तान के पेट्रोलियम सचिवों के साथ मुरली देवड़ा (फ़ाइल फ़ोटो)
तीनों देशों के संयुक्त कार्यदल की अब तक छह बैठकें हो चुकी हैं

इस बीच पाकिस्तानी अख़बार 'डॉन' ने ख़बर दी है कि इस परियोजना से भारत के बाहर निकलने पर ईरान उसकी जगह पर चीन को शामिल कर सकता है.

ख़बर में कहा गया है कि चीन ने इस परियोजना में शामिल होने की मंशा का पाकिस्तान के सामने इज़हार भी किया है.

पाकिस्तान और ईरान गैस पाइपलाइन के इस समझौते को अंतिम रूप दे चुके हैं. पाकिस्तान को गैस की ढुलाई के एवज में भारत से मिलने वाली क़ीमत पर पेंच फंसा हुआ है.

पाकिस्तान ने ईरान से अप्रैल महीने तक परियोजना को अंतिम रूप देने कहा है जिसके कारण ईरान ने भारत पर जल्दी बात करने का दबाव बढ़ा दिया है.

अख़बार ने यह भी कहा है कि भारत के इस परियोजना में नहीं शामिल होने की स्थिति में पाकिस्तान ने ईरान से अपने लिए 50 फ़ीसदी ज़्यादा गैस माँगा है.

इससे जुड़ी ख़बरें
'भारत गैस पाइपलाइन समझौते पर गंभीर'
11 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस
भारत के बिना 'गैस पाइपलाइन समझौता'
29 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस
प्रणव की महत्वपूर्ण ईरान यात्रा
06 फ़रवरी, 2007 | भारत और पड़ोस
गैस की कीमत तय करने पर सहमति बनी
26 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस
'अमरीका के कारण पाइपलाइन अधर में'
23 दिसंबर, 2006 | पहला पन्ना
'गैस पाइपलाइन पर तेज़ी से अमल हो'
03 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस
गैस मूल्य पर सहमति नहीं
03 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>