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गुरुवार, 03 अगस्त, 2006 को 14:36 GMT तक के समाचार
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गैस मूल्य पर सहमति नहीं

पाइपलाइन
ईरान से आयातित गैस की कीमत को लेकर तीनों देशों के बीच मतभेद है
ईरान से प्रस्तावित पाइपलाइन के ज़रिए पाकिस्तान और भारत को बेची जाने वाली गैस की क़ीमत क्या होगी, इस पर तीनों देशों में सहमति नहीं बन पाई है.

बढ़ती ऊर्जा ज़रूरतों के चलते भारत और पाकिस्तान दोनों ईरान से एक पाइपलाइन के ज़रिए प्राकृतिक गैस आयात करना चाहते हैं.

पिछले कुछ सालों से तीनों देश इस योजना में रूचि ले रहे हैं लेकिन पहले पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हुए तो अब आयात की जाने वाली गैस की क़ीमत को लेकर बातचीत की रफ़्तार धीमी पड़ गई है.

गुरुवार को दिल्ली में तीनों देशों के अधिकारियों की दो दिवसीय बैठक शुरू हुई. इसमें भारत और पाकिस्तान किस मूल्य पर गैस खरीदेंगे ये तय किया जाना है.

पिछले कुछ महीनों में ईरान ने अपने गैस के दाम बढ़ा दिए हैं जिसको लेकर भारत और पाकिस्तान में नाराज़गी है.

 हमने तय किया है कि कीमत निर्धारित करने के लिए एक अलग तरीका अपना जाए. अब हम आंकड़ों की बारीकी में जाएंगे जिसके लिए विशेषज्ञों का दल बनाया गया है जो एक रिपोर्ट तैयार करेगी.
पेट्रोलिएम सचिव एमएस श्रीनिवासन

ईरान के तेल उपमंत्री मानते हैं कि जिस दाम पर वो गैस बेचना चाहते हैं वो भारत और पाकिस्तान के प्रस्तावित दाम से दोगुना है.

भारत के पैट्रोलियम सचिव एमएस श्रीनिवासन ने गुरूवार को दिन भर की बैठक के बाद पत्रकारों से कहा, ‘‘हमने तय किया है कि क़ीमत निर्धारित करने के लिए एक अलग तरीका अपना जाए. अब हम आँकड़ों की बारीकी में जाएंगे जिसके लिए विशेषज्ञों का दल बनाया गया है जो एक रिपोर्ट तैयार करेगी.’’

अमरीका के विरोध के बावजूद भारत, ईरान से गैस खरीदने पर चर्चा कर रहा है. लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि मुद्दा इतना उलझा हुआ है कि बातचीत में अधिक प्रगति की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए.

भारत और पाकिस्तान दोनों चाहते हैं कि ईरान गैस का दाम कम करे हालाँकि किसी भी अधिकारी ने ईरान द्वारा प्रस्तावित कीमत को सार्वजनिक करने से इनकार कर दिया.

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के ऊर्जा सलाहकार मुख्तार अहमद ने कहा, ‘‘मैं यह नहीं कह सकता कि इस मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान की राय एक है. हम दोनों गैस के खरीददार होंगे और हमारी कोशिश है कि ईरान एक खरीददार की ज़रूरतों को समझे.’’

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