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'गैस पाइपलाइन पर तेज़ी से अमल हो' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज़ मुशर्रफ़ ने प्रस्तावित गैस पाइपलाइन परियोजना पर ईरान के राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद से बात की है. लगभग 2600 किलोमीटर लंबी यह पाइपलाइन ईरान से शुरू होकर पाकिस्तान के रास्ते भारत तक पहुँचेगी. दोनों नेताओं ने टेलीफ़ोन पर हुई बातचीत में पाइपलाइन परियोजना पर तेज़ी से अमल करने की ज़रूरत पर बल दिया. इस पाइपलाइन को बनाने में लगभग सात अरब डॉलर यानी 315 अरब रूपए की लागत आएगी. इसके ज़रिए प्राकृतिक गैस की आपूर्ति की जाएगी. मुशर्रफ़ और अहमदीनेजाद ने गैस की कीमत और कर ढ़ाँचे के बारे बात की. बाधा एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान के मुताबिक दोनों नेताओं ने पाइपलाइन बनाने की राह में आ रही बाधाओं को दूर करने पर सहमति जताई. जनरल मुशर्रफ़ ने कहा कि यह पाइपलाइन दोनों देशों के लिए लाभकारी होगा और इससे आपसी रिश्ते और मजबूत होंगे. ग़ौरतलब है कि गैस की कीमतों और कर ढ़ाँचे के अलावा पाइपलाइन की सुरक्षा को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेद है. भारत आशंका जताता रहा है कि पाकिस्तान के 'अशांत' वज़ीरिस्तान इलाक़े से आने वाली पाइपलाइन को चरमपंथी नुकसान पहुँचा सकते हैं, इसलिए सुरक्षा की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान को लेनी होगी. भारत और ईरान की साझा समिति पाइपलाइन के तकनीकी पहलुओं की समीक्षा कर चुकी है. इस पाइपलाइन से गैस की आपूर्ति शुरू हो जाने पर भारत और पाकिस्तान दोनों देशों को अपनी ऊर्जा ज़रूरतें पूरी करने में मदद मिलेगी. | इससे जुड़ी ख़बरें असम में धमाकों से पाइपलाइनें क्षतिग्रस्त12 नवंबर, 2006 | भारत और पड़ोस गैस मूल्य पर सहमति नहीं03 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान में गैस पाइपलाइन पर धमाका07 जून, 2006 | भारत और पड़ोस 'गैस पाइपलाइन पर तीनों देश सहमत'22 मई, 2006 | भारत और पड़ोस ईरान गैस पाइपलाइन को हरी झंडी04 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस ईरान से गैस पाइपलाइन को हरी झंडी04 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस 'पाइपलाइन पर जल्दबाज़ी नहीं:अज़ीज़'21 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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