|
छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने विस्फ़ोटक लूटा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
छत्तीसगढ़ में हथियार बंद नक्सलियों ने गुरुवार को दुर्ग ज़िले में स्थित एक खदान पर हमला कर बड़ी मात्रा में विस्फोटक लूटा और सात लोगों को अगवा कर लिया. अगवा हुए लोगों में भिलाई स्टील प्लांट के छह कर्मचारी और वन विभाग के एक अधिकारी शामिल थे. हालांकि शुक्रवार को उन्हें रिहा कर दिया गया है. राज्य के पुलिस महानिदेशक विश्व रंजन ने बीबीसी से कहा कि गुरुवार दोपहर बाद हुए इस हमले में नक्सली क़रीब दो टन विस्फोटक लूट कर ले गए. यह घटना अगले सोमवार यानी 31 मार्च के ठीक तीन दिन पहले कि गई है जब मओवादिओं ने बीजापुर ज़िले के पामेड़ में पुलिस-नक्सली मुठभेड़ के ख़िलाफ़ बस्तर और आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में बंद का ऐलान कर रखा है. उस मुठभेड़ में 17 नक्सली मारे गए थे. यह ऑपरेशन छत्तीसगढ़ और आंध्र पुलिस ने मिलकर किया था और इसे पुलिस की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है. विद्रोहियों ने इस मुठभेड़ को फ़र्ज़ी बताया और कहा है कि उनके साथियों को ज़हर देकर मारा गया था. विस्फोटक पुलिस महानिदेशक का दावा था कि गुरूवार को लूटा गया विस्पोटक 'स्लरी' श्रेणी का था जो माइन्स में इस्तेमाल के लिए तो बेहतर है लेकिन जिसका इस्तेमाल बारूदी सुरंगों में विस्फोट में मुश्किल होगा क्योंकि उसे 'डेटोनेट' करने के और बारूद के फटने के बीच कुछ मिनटों का समय लगता है. नक्सली गश्त पर जा रही पुलिस या अन्य सुरक्षा एजेंसियों पर हमला करने के लिए ज़्यादातर बारूदी सुरंगों का इस्तेमाल करते हैं जिसे वे स्विच के सहारे उड़ाते हैं. पुलिस का कहना है कि ऐसे विस्फोटक के इस्तेमाल किए जाने की अवधि भी बहुत कम होती है. पुलिस का कहना है कि इस बारूद का इस्तेमाल विद्रोही अधिक से अधिक सड़कों या बिल्डिंगों को उड़ाने में कर सकते हैं. जानकारों का कहना है कि विद्रोही अपने प्रभाव वाले इलाक़ों में सड़क बनाए जाने के ख़िलाफ़ हैं क्योंकि यह पुलिस की उन इलाकों में पहुँच को आसान बनाता है. विश्व रंजन के अनुसार हाल में पुलिस ने काफ़ी इलाक़ों में माओवादियों द्वारा बिछाए गए माइन्स को नष्ट कर दिया है छत्तीसगढ़ में यह ऐसी दूसरी घटना है जब माओवादियों ने सरकारी खदान पर हमला कर बारूद लूटा है. दो साल पहले उन्होंने दंतेवाडा जिले में स्थित हिरोली माइन्स पर हमला कर २० टन विस्फोटक और ढेर सारा डेटोनेटर लूट लिया था. |
इससे जुड़ी ख़बरें छत्तीसगढ़ में नक्सलियों से मुठभेड़, 19 मरे18 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में चार जवान मारे गए03 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ में 12 पुलिसकर्मी लापता20 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नक्सलियों समेत कई क़ैदी जेल से फ़रार16 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस छत्तीसगढ़ में नक्सली हमला, चार मरे13 दिसंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'नक्सली हमले में 16 पुलिसकर्मी मारे गए'02 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में पाँच पुलिसकर्मी मारे गए29 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस नक्सली हमले में 'पुलिस लापरवाही'01 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||