|
बातचीत की पेशकश के बीच अपील | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
तिब्बतियों के शीर्ष धार्मिक गुरु दलाई लामा ने देशों से अपील की है कि वे पता करें कि तिब्बत में क्या हो रहा है. इस बीच चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन दलाई लामा से बातचीत के लिए तैयार है बशर्ते वे स्वीकार करें कि तिब्बत चीन का हिस्सा है और आज़ादी की मांग वाली गतिविधियाँ रोक दी जाएँगी. धर्मशाला में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दलाई लामा ने तिब्बत में चल रही चीन की कार्रवाई पर चिंता जताई और कहा कि वे कई लोगों के मारे जाने की आशंका है. दलाई लामा ने कहा वे इस मुद्दे पर चीन के नेताओं के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं. उन्होंने कहा, "हमें वहाँ मारे गए लोगों की संख्या के बारे में ठीक-ठीक जानकारी नहीं है. कुछ लोग छह बता रहे हैं, तो कुछ लोग 100 बता रहे हैं. हालाँकि ये सच है कि कई स्थानों का संपर्क काट दिया गया है." दलाई लामा ने पत्रकारों को बताया कि वे चीन के नेताओं के साथ बातचीत के लिए हमेशा तैयार हैं, लेकिन इस स्थिति में उनका बीजिंग जाना व्यावहारिक नहीं है. अपील उन्होंने दुनियाभर के नेताओं से अपील की कि वे बातचीत के लिए कोशिश करें और चीन पर दबाव डालें कि वह तिब्बत के मामले में संयम बरतें.
दूसरी ओर चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता क़िन गांग ने दलाई लामा के साथ बातचीत के लिए रज़मांदी तो जताई लेकिन कहा कि दलाई लामा जो कहते हैं, हमें उसे सिर्फ़ सुनना ही नहीं चाहिए बल्कि यह भी देखना चाहिए कि वे क्या करते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि दलाई लामा अपने रुख़ में बदलाव करेंगे और ऐसा माहौल तैयार करेंगे जिससे उनके साथ बातचीत हो सके. क़िन लांग ने यह भी स्पष्ट किया कि चीन किसी तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगा जैसा तिब्बती प्रदर्शनकारी कर रहे हैं. इस बीच तिब्बत की राजधानी ल्हासा से सभी पत्रकारों को हटा दिया गया है. पुलिस की निगरानी में ल्हासा से हटाए गए जर्मन पत्रकार ने बीबीसी को बताया कि उन्हें धमकाया गया है और कहा गया कि अगर वे ल्हासा नहीं छोड़ेंगे तो उनका वीज़ा रद्द कर दिया जाएगा. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता का कहना है कि वह क़ानून के तहत कार्रवाई कर रहा है और उन्होंने उम्मीद जताई कि विदेशी पत्रकार इसे समझेंगे. क़िन गांग ने कहा, "चीन में क़ानून-व्यवस्था में लगे अधिकारी विशेष परिस्थितियों में विशेष क़दम उठा सकते हैं. ये सब क़ानून के मुताबिक़ है और उम्मीद है कि विदेशी पत्रकार भी इसे समझेंगे." दूसरी ओर चीन ने तिब्बत में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई करते हुए 24 लोगों को गिरफ़्तार किया है और तिब्बत के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है. |
इससे जुड़ी ख़बरें प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग की निंदा20 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस तिब्बत में प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई तेज़20 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'तिब्बत मुद्दा ज़िंदगी और मौत का संघर्ष'19 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'तिब्बत में जनसंहार की अंतरराष्ट्रीय जांच हो'16 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'तिब्बतियों पर गोली नहीं चलाई गई'17 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस प्रदर्शनों के लिए दलाई लामा को दोष15 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस तिब्बत ने बढ़ाई बीजिंग की उलझन15 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस भारत में प्रदर्शनकारी तिब्बती हिरासत में14 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||