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तिब्बतियों का संघर्ष - वीडियो में | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के हिमाचल प्रदेश राज्य में रह रहे तिब्बतियों के निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा ने कहा है कि तिब्बत में चल रही हिंसा बंद होनी चाहिए. उन्होंने चीन की सरकार के उन आरोपों को ख़ारिज किया जिनके अनुसार उन्हें ल्हासा में चल रही हिंसा के लिए दोषी ठहराया गया है. उनका कहना है कि तिब्बतियों को चीनी लोगों के साथ मिलकर रहना चाहिए. मंगलवार को चीन के प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ ने तिब्बत के निर्वासित धर्मगुरु दलाई लामा और उनके गुट को तिब्बत की राजधानी ल्हासा में हाल में हुई हिंसा को उकसाने का आरोप लगाया था. जियाबाओ ने तिब्बत में हुई हिंसा को 'सांस्कृतिक जनसंहार' बताने वाले दलाई लामा के बयान को 'झूठ' क़रार दिया था. तिब्बत की स्थिति पर सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की एक अनौपचारिक बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने चीन और तिब्बत में चीन विरोधी प्रदर्शनकारियों से अपील की है कि वहाँ हिंसा को तुरंत रोका जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें 'तिब्बत में जनसंहार की अंतरराष्ट्रीय जांच हो'16 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस 'तिब्बतियों पर गोली नहीं चलाई गई'17 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस प्रदर्शनों के लिए दलाई लामा को दोष15 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस तिब्बत ने बढ़ाई बीजिंग की उलझन15 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस भारत में प्रदर्शनकारी तिब्बती हिरासत में14 मार्च, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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