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भारतीय कश्मीर में निवेशकों की रुचि | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत प्रशासित कश्मीर में हिंसा की वारदातों में कमी होने के साथ ही अंतरराष्ट्रीय निवेशकों ने राज्य में निवेश करने में रुचि दिखाई है. इसकी शुरूआत राज्य विद्युत विकास कॉर्पोरेशन (पीडीसी) में निवेश से हो रही है. राज्य सरकार के आर्थिक सलाहकार हसीब द्रबु ने श्रीनगर में हुई एक प्रेस वार्ता में सोमवार को कहा कि पीडीसी इसके लिए तैयारियों में जुटी है. उन्होंने कहा कि पीडीसी 20 हज़ार मेगावाट बिजली का उत्पादन करके भारत का सबसे बड़ा बिजली उत्पादक बनने की क्षमता रखता है. पिछले दिनों ही दुनिया की 12 बड़े निवेशक एक गुट के रूप में वैकल्पिक निवेश स्थलों की तलाश में भारत आए थे. उन्होंने भारतीय कश्मीर में तीन दिन बिताए. लाभकारी नियम पनबिजली के अलावा उन्होंने राज्य की वित्तीय सेवाओं में भी निवेश करने की इच्छा ज़ाहिर की है. द्रबु के अनुसार, "राज्य सरकार इस तरह के नियम बना रही है जो विदेशी निवेशकों के लिए भी लाभकारी सिद्ध हों." उन्होंने कहा कि विदेशी कंपनियों ने लघु और मध्यम उद्योगों में निवेश करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जिसमें तीन से पाँच साल के बीच ही बाज़ार तक पहुँचने की क्षमता हो. इसके अलावा, भारत के वाणिज्य राज्य मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इन गर्मियों से कश्मीर की सीमा पर दोनों ओर से व्यापार की शुरूआत होगी. श्रीनगर मे एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सीमा के दोनों ओर होने वाले समझौते के लिए पूरी तैयारी कर ली गई है और पाकिस्तान में प्रजातांत्रिक रूप से चुनी गई नई सरकार के पद ग्रहण करने के बाद इस बारे में बातचीत कर ली जाएगी. व्यापार पर सहमति उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने भारत की प्रस्तावित कुल 14 वस्तुओं में से नौ के व्यापार पर सहमति दे दी है." इन नौ वस्तुओं के आयात की माँग भारत प्रशासित कश्मीर की राज्य सरकार ने रखी थी. उन्होंने कहा, "पाकिस्तान ने हमें चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इंतज़ार करने को कहा है." उनके अनुसार, "मुझे उम्मीद है कि यह समझौता 90 दिनों में पूरा हो जाएगा." जयराम रमेश श्रीनगर के नज़दीक पांपोर में अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला केंद्र की आधारशिला रखने के लिए पहुँचे थे. इस केंद्र पर 49 करोड़ डॉलर का खर्च आने की उम्मीद है. मंत्री ने कहा कि सरकार ने राज्य के कारीगरों को फ़ायदा पहुँचाने के लिए 85 करोड़ रुपए की एक परियोजना तैयार की है. | इससे जुड़ी ख़बरें भारत-पाक व्यापार में 76 प्रतिशत वृद्धि13 जनवरी, 2006 | कारोबार व्यापार वार्ता शुरु करने पर बैठक11 अप्रैल, 2007 | कारोबार एक-दूसरे के यहाँ बैंक खोलेंगे भारत-पाक29 मार्च, 2006 | भारत और पड़ोस सीमेंट की मज़बूती और चाय की ताज़गी01 अगस्त, 2007 | कारोबार टिहरी बांध से बिजली उत्पादन शुरु17 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस कौन चुका रहा है टिहरी बांध की कीमत?07 नवंबर, 2005 | भारत और पड़ोस पंजाब में सभी किसानों को बिजली मुफ़्त07 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस हरियाणा ने करोड़ों के बिल माफ़ किए17 जून, 2005 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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