|
हरियाणा ने करोड़ों के बिल माफ़ किए | |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा सरकार ने किसानों और ग्रामीण बिजली उपभोक्ताओं को भारी राहत देते हुए 1600 करोड़ रुपए के बकाया बिलों को माफ़ करने की घोषणा की है. यह घोषणा शुक्रवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने विधानसभा में की और इसे ऐतिहासिक क़दम बताया. मुख्यमंत्री हुड्डा का कहना था कि यह फ़ैसला राज्य के वित्त मंत्री बीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में गठित पाँच सदस्यीय समिति की सिफ़ारिश के बाद लिया गया है. मुख्यमंत्री का कहना था कि जो किसान बिना देरी के लगातार मौजूदा दस बिलों का भुगतान करेंगे, उनके बकाया बिलों को माफ़ कर दिया जाएगा. हुड्डा का कहना था,'' हर मौजूदा बिल के भुगतान पर बकाया बिल का 10 फ़ीसदी माफ़ कर दिया जाएगा. इस तरह दस मौजूदा बिलों के भुगतान करने पर सभी बकाया बिल माफ़ कर दिए जाएंगे.'' उनका कहना था कि उन सभी किसान और ग्रामीण उपभोक्ता जिन्होंने पिछले पाँच बिलों का भुगतान किया होगा, उन्हें भावी दस बिलों में पाँच फ़ीसदी की छूट दी जाएगी. मुख्यमंत्री का कहना था कि इस छूट से होनेवाले घाटे की भरपाई विद्युत ढांचे, बिल और वसूली प्रणाली में सुधार से की जाएगी. उनका कहना था कि बाकी जो घाटा बिजली कंपनियों को होगा, सरकार उसमें उनकी सहायता करेगी. हाल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने हिमाचल प्रदेश में झाकड़ी में भारत की सबसे बड़ी पनबिजली योजना के उदघाटन करते समय मुफ़्त में बिजली देने की नीति को समाप्त करने की बात कही थी. प्रधानमंत्री का कहना था कि यह समय है कि लोगों को यह बताने का कि मुफ़्त बिजली विद्युत उद्योग के लिए ठीक नहीं है. उनका कहना था कि बिजली की मांग बढ़ लगातार बढ़ रही है और इसकी कमी के कारण वितरण में कटौती करनी पड़ती है. |
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||