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हुड्डा ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
लंबे खींचतान के बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री बने भूपिंदर सिंह हुड्डा ने शनिवार की शाम मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है. शुक्रवार को भजनलाल समर्थक विधायकों की अनुपस्थिति में हुई विधायक दल की बैठक में हुड्डा को मुख्यमंत्री चुना गया था. शपथ लेने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए भूपिंदर सिंह हुड्डा ने कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य में क़ानून व्यवस्था की स्थिति दुरुस्त कर भय का वातावरण दूर करना होगा. उन्होंने कहा है कि उनका भजनलाल से कोई दुराव नहीं है और वे उनसे मिलते रहते हैं. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यह कहना ग़लत होगा कि वे जाट नेता हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस जात पात की राजनीति में भरोसा नहीं करती और वे प्रदेश की सभी बिरादरी के लिए काम करेंगे. इस निर्णय के विरोध में पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा दे दिया था. लेकिन शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने चर्चा कर भजनलाल को मना लिया था. हरियाणा युवक कांग्रेस और हरियाणा प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष रहे भूपिंदरसिंह हुड्डा इस समय रोहतक से सांसद हैं और इस जाट नेता को राजनीति का लंबा अनुभव रहा है. लेकिन भजनलाल मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे और हुड्डा को मुख्यमंत्री बनाए जाने के विरोध में अपने समर्थक 20 विधायकों के साथ बैठक में नहीं गए थे. हालांकि बाद में उन्होंने कहा था कि वो कांग्रेस नहीं छोड़ रहे हैं और आलाकमान जो आदेश देगा, वो उसका पालन करेंगे. भजनलाल का कहना था कि फ़ैसला होने से पहले जो दबाव डाल सकते थे, वो उन्होंने डाला लेकिन अब निर्णय हो गया है. |
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