| जनता की जीत हैं परिणामः भजन लाल | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भजन लाल ने राज्य में अपनी पार्टी की जीत को राज्य की जनता की जीत बताया है. वहीं पार्टी महासचिव और कांग्रेस में हरियाणा के प्रभारी जनार्दन द्विवेदी ने जीत को दूसरे राज्यों में पार्टी के प्रदर्शन और राज्य में ओम प्रकाश चौटाला की सरकार के कुशासन के ख़िलाफ़ जनादेश बताया. जनार्दन द्विवेदी ने कहा कि राज्य में आए परिणाम पार्टी की आशाओं के अनुरूप रहे हैं. हरियाणा में कांग्रेस अकेले अपने दम पर सरकार बनाने जा रही है और मुख्यमंत्री पद के लिए जिन उम्मीदवारों के नाम सामने आ रहे हैं उनमें भजनलाल का नाम काफ़ी मज़बूत समझा जा रहा है. भजनलाल हरियाणा में कांग्रेस के पुराने धुरंधर हैं और तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं. वे अपनी पुरानी सीट आदमपुर से 71 हज़ार से भी अधिक मतों से जीत गए हैं. हालाँकि नई सरकार की कमान कौन सँभालेगा इस बारे में अभी कोई भी नेता खुलकर कुछ नही कहना चाह रहा और पार्टी का कहना है कि इसका फ़ैसला सभी विधायक मिल-जुलकर करेंगे. पार्टी महासचिव और कांग्रेस में हरियाणा के प्रभारी जनार्दन द्विवेदी ने इस संबंध में पत्रकारों से कहा,"मुख्यमंत्री के चुनाव में कोई समस्या नहीं आएगी. सभी विधायक बैठक कर नेता का चुनाव कर लेंगे". हरियाणा में मुख्यमंत्री पद की दौड़ में जिन लोगों के नाम की अटकलें चल रही हैं उनमें भजनलाल के अलावा हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रनदीप सिंह सुर्जेवाला, केंद्रीय शहरी रोज़गार व ग़रीबी उन्मूलन मंत्री शैलजा और चौधरी वीरेंद्र सिंह का नाम भी शामिल है. इन सभी नेताओं ने हरियाणा के अगले मुख्यमंत्री के चुनाव की ज़िम्मेदारी पार्टी हाइकमान पर छोड़ दी है. भजनलाल इस संबंध में केंद्रीय नेताओं से विचार विमर्श करने दिल्ली रवाना हो रहे हैं. |
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