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चौटाला ने कहा, रचनात्मक विपक्ष बनेंगे | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
हरियाणा के निवर्तमान मुख्यमंत्री ओम प्रकाश चौटाला ने कहा है कि उन्होंने विधान सभा चुनाव के नतीजों को स्वीकार करते हुए अपनी मंत्रिपरिषद का इस्तीफ़ा रविवार को राज्यपाल को सौंप दिया. ग़ौरतलब है कि हरियाणा विधान सभा के चुनाव में कांग्रेस को सबसे ज़्यादा सीटें मिली हैं और उसने दो तिहाई बहुमत हासिल कर लिया है. 90 सीटों वाले सदन में कांग्रेस को 67 सीटें मिली हैं जबकि चौटाला की पार्टी इंडियन नेशनल लोक दल को नौ सीटें मिली हैं. ध्यान रहे कि ओम प्रकाश चौटाला ख़ुद भी नरवाना में हार गए हैं और उन्हें प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रणदीप सिंह सुरजेवाला ने हराया है. सुरजेवाला ने नतीजे आने के बाद कहा कि यह आम लोगों की जीत है. उन्होंने बीबीसी से बातचीत में कहा, "यह व्यक्तिगत तौर पर चौटाला की हार है, लोगों ने चौटाला की गुंडागर्दी और कुशासन के ख़िलाफ़ वोट दिया है और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के नेतृत्व को जीत दिलाई है." ओम प्रकाश चौटाला ने नतीजों पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें विपक्ष में बैठने का जनादेश मिला है जिसका वह स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा, "हम एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएंगे और उन तमाम मुद्दों पर सरकार को सहयोग देंगे जो प्रदेश के हित में होंगे." नतीजे आने के बाद पत्रकारों से बातचीत में चौटाला ने कहा कि केंद्र में और पंजाब में पहले से ही कांग्रेस की सरकारें हैं और अब हरियाणा में कांग्रेस की सरकार बन रही है. "केंद्र और इन दोनों राज्यों में कांग्रेस सरकारें होने से सतलुज-यमुना लिंक नहर बनाने का रास्ता साफ़ हो सकेगा जिससे अंततः प्रदेश का फ़ायदा होगा." ओम प्रकाश चौटाला ने कहा कि सतलुज-यमुना लिंक नहर हरियाणा के जीवन रेखा है और इससे बनने से प्रदेश में संपन्नता, समृद्धि और ख़ुशहाली आएगी. |
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