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सिख चरमपंथी एकजुट हो रहे हैं: मनमोहन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत से बाहर के कुछ सिख अलगाववादी पंजाब में चरमपंथी गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की कोशिश कर रहे हैं. मनमोहन सिंह ने कहा है कि इस बात की 'पुख़्ता जानकारी' है कि अमरीका, कनाडा, ब्रिटेन, जर्मनी और पाकिस्तान में रहने वाले कुछ चरमपंथी संगठनों के कार्यकर्ता दोबारा गोलबंद हो रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस काम में उन्हें 'भारत विरोधी शक्तियों की मदद' मिल रही है. प्रधानमंत्री ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रमुख अवतार सिंह मक्कड़ को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने 'कट्टर चरमपंथियों' को लेकर गहरी चिंता प्रकट की है. पत्र में कहा गया है, "सरकार और हमारी एजेंसियों के पास इस बात की पुख़्ता जानकारी है कि चरमपंथी गुट पंजाब में चरमपंथी गतिविधियाँ दोबारा शुरू करना चाहते हैं." गतिविधियाँ पिछले वर्ष लुधियाना में एक सिनेमाघर में हुए धमाके का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि जिन दो लोगों ने धमाका किया उन्हें इस काम के लिए पाकिस्तान में तैयार किया गया था और "अमरीका में रहने वाले चरमपंथी तत्वों" ने उन्हें धन मुहैया कराया था. जानकारों का कहना है कि बब्बर खालसा इंटरनेशनल नाम के संगठन के पुराने कार्यकर्ता दोबारा एकजुट हो रहे हैं. माना जाता है कि डेरा सच्चा सौदा संप्रदाय के अनुयायियों के ख़िलाफ़ हुई हिंसा में इसी गुट के लोगों का हाथ था. कई ख़ुफ़िया अधिकारियों का कहना है कि बब्बर खालसा गुट को पाकिस्तानी ख़ुफ़िया एजेंसी आईएसआई का समर्थन हासिल है. पंजाब के मामले पर प्रधानमंत्री से पहले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायण भी कह चुके हैं कि पंजाब में सिख चरमपंथ को दोबारा बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है. | इससे जुड़ी ख़बरें चरमपंथी सोच पर हावी स्थानीय पहलू20 सितंबर, 2005 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथ के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो'31 अक्तूबर, 2005 | भारत और पड़ोस चरमपंथ को हराने की बात उठी14 अगस्त, 2005 | भारत और पड़ोस 'धार्मिक स्थल पर चरमपंथियों का कब्ज़ा'30 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथ से अकेले नहीं लड़ सकते'19 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'चरमपंथियों से सख़्ती से निपटेगी सरकार'25 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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