BBCHindi.com
अँग्रेज़ी- दक्षिण एशिया
उर्दू
बंगाली
नेपाली
तमिल
बुधवार, 27 फ़रवरी, 2008 को 11:59 GMT तक के समाचार
मित्र को भेजेंकहानी छापें
ज़रदारी के ख़िलाफ़ आरोप वापस
आसिफ़ अली ज़रदारी
ज़रदारी के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोप थे
पाकिस्तान सरकार ने पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोप वापस ले लिए हैं.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने ऐसी तीन महत्वपूर्ण याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया जिसमें उस अध्यादेश के अमल को चुनौती दी गई थी जिसके तहत पीपुल्स पार्टी के नेताओं को भ्रष्टाचार के आरोपों से राहत दी गई थी.

यह अध्यादेश पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ ने साल 2007 में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की नेता बेनज़ीर भुट्टो के साथ बातचीत के बाद जारी किया था.

सुप्रीम कोर्ट में तीन याचिकाएँ ख़ारिज होने के तुरंत बाद भ्रष्टाचार निरोधक संस्था नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो ने बुधवार को ही आसिफ़ अली ज़रदारी और बेनज़ीर भुट्टो के सुरक्षा सलाहकार रह चुके रहमान मलिक ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के आरोप वापिस ले लिए.

पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की तरफ़ से जारी किए गए अस्थाई संवैधानिक आदेश के तहत अस्तित्व में आए सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय सुलह-सफ़ाई अध्यादेश के अमल पर लगी रोक को हटा दिया जिसके बाद सरकार के लिए इस पर अमल करने का रास्ता खुल गया.

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस अब्दुल हमीद डोगर की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की पाँच जजों वाली एक बैंच ने ये याचिकाएँ ख़ारिज कीं. इस बैंच में सुनवाई करने वाले अन्य जजों में जस्टिस मोहम्मद नवाज़ अब्बासी, जस्टिस फ़क़ीर मोहम्मद खोखर, जस्टिस, ऐजाज़ुल हसन और जस्टिस एजाज़ यूसुफ़ शामिल थे.

सुप्रीम कोर्ट ने आदेश अम्तनाई वापिस लेते हरुए निचली अदालतों को निर्देश जारी किया है कि इस अध्यादेश के तहत आने वाले तमाम मुक़दमों को इसकी रौशनी में निपटाया जाए.

बर्ख़ास्त मुख्य न्यायाधीश जस्टिस इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी की दिवंगत नेता और पूर्व प्रधानमंत्री बेनज़ीर भुट्टो से बातचीत के बाद जारी किए गए राष्ट्रीय सुलह-सफ़ाई अध्यादेश को लागू करने की कार्रवाई रोकते हुए उसके अमल पर रोक लगा दी थी.

लेकिन मौजूदा सुप्रीम कोर्ट के चीफ़ जस्टिस अब्दुल हमीद डोगर की अध्यक्षता में बनाई गई सुप्रीम कोर्ट बैंच ने राष्ट्रीय सुलह-सफ़ाई अध्यादेश के ख़िलाफ़ दायर हुई पाँच में से तीन याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया जबकि बाक़ी दो पर सुनवाई अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है.

सुप्रीम कोर्ट ने जिन तीन याचिकाओं को ख़ारिज कर दिया वो मुस्लिम लीग (नवाज़) के नेता मियाँ शहबाज़ शरीफ़, जमाते इस्लामी के मुखिया क़ाज़ी हुसैन अहमद और एडवोकेट तारिक़ असद की तरफ़ से दायर की गई थीं.

'गंभीरता नहीं'

मियाँ शहबाज़ शरीफ़ के वकील ने अदालत में बयान दिया कि उन्हें अपने मुवक्किल की तरफ़ से इस मुक़दमे की पैरवी करने के बारे में कोई हिदायत नहीं मिली. जबकि अमीर जमाते इस्लामी के वकील डॉक्टर फ़ारूक़ हसन मुल्क से बाहर हैं और एडवोकेट तारिक़ असद अदालत में पेश नहीं हुए.

बेनज़ीर भुट्टो
परवेज़ मुशर्रफ़ और बेनज़ीर भुट्टो के बीच सुलह-सफ़ाई का समझौता हुआ था

एक याचिकाकर्ता डॉक्टर मुबश्शर हसन अदालत में पेश हुए और कहा कि उनके वकील अब्दुल हफ़ीज़ पीरज़ादा इलाज के लिए अमरीका गए हुए हैं इसलिए इस याचिका की सुनवाई 14 मार्च तक स्थगित कर दी जाए. उन्होंने कहा कि देश इस समय मुश्किल दौर से गुज़र रहा है और उनके वकील 1973 के संविधान को बेहतर तौर पर समझते हैं.

एटॉर्नी जनरल मलिक क़य्यूम ने अदालत के सामने बयान देते हुए कहा कि ये राष्ट्रीय अहमियत का मामला है और इनकी सुनवाई पर देर नहीं की जानी चाहिए. उन्होंने कहा कि ऐसा मालूम होता है कि इस अध्यादेश के ख़िलाफ़ याचिकाएँ दायर करने वाले इसकी पैरवी करने में गंभीर नहीं हैं.

बर्ख़ास्त चीफ़ जस्टिस इफ़्तिख़ार मोहम्मद चौधरी ने राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ की तरफ़ से जारी किए गए राष्ट्रीय सुलह-सफ़ाई अध्यादेश की दफ़ा छह और सात पर कार्रवाई रोक दी थी और कहा था कि इससे किसी व्यक्ति को फ़ायदा नहीं पहुँचाया जा सकता.

अब सुप्रीम कोर्ट ने यह फ़ैसला दिया है कि इस अध्यादेश पर अमल किया जा सकता है जिसके बाद निचली अदालतें विभिन्न नेताओं के ख़िलाफ़ भ्रष्टाचार के मुक़दमों को इसी अध्यादेश की रौशनी में निबटा सकते हैं.

ग़ौरतलब है कि राष्ट्रीय सुलह-सफ़ाई अध्यादेश पर अमल करने की इजाज़त मिलने से सबसे ज़्यादा फ़ायदा पीपुल्स पार्टी और मुत्तहिदा क़ौमी मूवमेंट को होगा.

नेशनल एकाउंटेबिलिटी ब्यूरो के डिप्टी प्रोसीक्यूटर ज़ुल्फ़िक़ार बट्ट के अनुसार इस समय ब्यूरो की विभिन्न अदालतों में आसिफ़ अली ज़रदारी के ख़िलाफ़ दस से ज़्यादा मुक़दमे विचाराधीन हैं जबकि पीपुल्स पार्टी की भूतपूर्व चेयरपर्सन बेनज़ीर भुट्टो की मौत के बाद उनका नाम संबंधित मुक़दमों से ख़ारिज कर दिया गया है.

इससे जुड़ी ख़बरें
चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं नवाज़
26 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
पश्चिम की नज़र पाकिस्तान पर
25 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
गठबंधन सरकार पर बातचीत
21 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
पीपीपी गठबंधन सरकार बनाने को तैयार
19 फ़रवरी, 2008 | भारत और पड़ोस
सुर्ख़ियो में
मित्र को भेजेंकहानी छापें
मौसम|हम कौन हैं|हमारा पता|गोपनीयता|मदद चाहिए
BBC Copyright Logo^^ वापस ऊपर चलें
पहला पन्ना|भारत और पड़ोस|खेल की दुनिया|मनोरंजन एक्सप्रेस|आपकी राय|कुछ और जानिए
BBC News >> | BBC Sport >> | BBC Weather >> | BBC World Service >> | BBC Languages >>