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गठबंधन सरकार पर बातचीत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
पाकिस्तान के आम चुनाव में विजेता बनकर उभरी दो बड़ी पार्टियों - पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी और पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) के बीच आज अहम बैठक हो रही है जिसमें गठबंधन सरकार बनाने पर चर्चा होगी. पूर्व प्रधानमंत्री और 27 दिसंबर 2007 को गोली का शिकार हुईं बेनज़ीर भुट्टो के पति आसिफ़ अली ज़रदारी और एक अन्य पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ पहले ही ऐसे संकेत दे चुके हैं कि वो सत्ता में साझीदारी कर सकते हैं. दोनों दलों के शीर्ष नेताओं की बैठक में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के भविष्य पर भी चर्चा हो सकती है क्योंकि नवाज़ शरीफ़ लगातार मुशर्रफ़ के इस्तीफ़े की माँग करते आ रहे हैं, लेकिन ज़रदारी ने इस मुद्दे पर अभी कोई स्पष्ट राय नहीं ज़ाहिर की है. संवाददाताओं का कहना है कि अगर यह गठबंधन बन जाता है तो वह राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ को सत्ता से हटाने कोशिश भी कर सकता है और अगर यह गठबंधन संसद में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लेता है तो इसके पास राष्ट्रपति को महाभियोग के ज़रिए हटाने के लिए पर्याप्त ताक़त होगी. राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ कह चुके हैं कि वह इस पद पर रहते हुए देश में एक स्थिर लोकतांत्रिक सरकार क़ायम करने की दिशा में काम करना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा है कि इन चुनावों से देश में उदारवादी ताक़तें मज़बूत हुई हैं. संभावित गठबंधन सरकार में प्रधानमंत्री कौन होगा, इस पर भी दोनों नेता चर्चा कर सकते हैं. आसिफ़ अली ज़रदारी खुद को प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर घोषित कर चुके हैं. उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी जल्दी ही अपना उम्मीदवार चुनेगी जो गठबंधन सरकार का नेतृत्व करेगा. इस्लामाबाद में बीबीसी संवाददाता क्रिस मोरिस का कहना है कि दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन की काफ़ी संभावना है लेकिन इसके बावजूद बहुत सारे ऐसे मुद्दे हैं जिन पर दोनों सहमति नहीं है इसलिए गठबंधन की गारंटी भी नहीं दी जा सकती. नतीजे पाकिस्तान के संसदीय चुनावों में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) सबसे बड़े दल के रुप में उभरा है. दूसरे पायदान पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) है. इन चुनावों में राष्ट्रपति परवेज़ मुशर्रफ़ के समर्थक दल - मुस्लिम लीग (क़ायदेआज़म) की क़रारी हार हुई है. पाकिस्तानी संसद के निचले सदन यानी नेशनल असेंबली की 272 सीटों में पीपीपी को 87 सीटें मिली हैं और पीएमएल (एन) को 66 सीटों पर सफलता प्राप्त हुई है. अगर दोनों दल आपस में हाथ मिलाते हैं तो सरकार बनाने लायक बहुमत आसानी से मिल जाएगा. |
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