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देवबंद में हो रही है आतंकवाद पर बहस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के मुस्लिम विद्वान आतंकवाद संबंधी मुद्दों पर बहस करने के लिए एक प्रमुख इस्लामी शिक्षा संस्थान में बैठक कर रहे हैं. यह बैठक 150 साल पुराने और प्रतिष्ठित इस्लामी शिक्षा संस्थान दारुल उलूम, देवबंद में आयोजित की गई है जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर ज़िले में है. इस विशाल बैठक में देश भर के क़रीब छह हज़ार उलेमा हिस्सा ले रहे हैं. कुछ लोगों का कहना है कि अफ़ग़ानिस्तान के कट्टरपंथी इस्लामी चरमपंथी तालेबान की जड़ें भी देवबंद से जुड़ी रही हैं लेकिन देवबंद प्रबंधन इससे इनकार करता है. ग़ैर इस्लामी कृत्य रिपोर्टों के अनुसार इस बैठक में आतंकवाद की निंदा की जाएगी और आतंकवाद के कृत्य को ग़ैर इस्लामिक क़रार दिया जाएगा. बैठक में हिस्सा लेने वाले एक छात्र ने एक टीवी चैनल से कहा कि इसका उद्देश्य लोगों की धारणा में बदलाव लाना है.
उन्होंने कहा, "हम आतंकवाद को लेकर लोगों को जागरूक बनाना चाहते हैं क्योंकि इस बीमारी को ग़लत रूप से समझा जा रहा है." उन्होंने कहा, "जहाँ भी आतंकवाद संबंधी गतिविधि होती है, मुसलमानों पर ही उंगलियाँ उठती हैं." एक दूसरे विद्वान ने कहा, "आतंकवाद इस्लाम की शिक्षा के ख़िलाफ़ है." स्कूल के वरिष्ठ अधिकारी मोहम्मद उस्मान कहते हैं, "बैठक में मुसलमानों को यह भी सलाह दी जाएगी कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें कैसे सचेत रहना चाहिए." उन्होंने कहा, हम माँग करेंगे कि मुस्लिम समुदाय और मदरसा के लोग या किसी भी समुदाय के लोगों को आतंकवाद के नाम पर बेवजह तंग या परेशान न किया जाए. | इससे जुड़ी ख़बरें सुरक्षा व्यवस्था में कहाँ कमी रह जाती है? 01 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस 'कश्मीर में अल-क़ायदा की मौजूदगी नहीं'09 जून, 2007 | भारत और पड़ोस आतंकवाद, फ़ूड बैंक, ईरान पर सहमति 04 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस आतंकवाद और व्यापार पर घोषणा संभव04 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस 'कश्मीर साझा तंत्र का हिस्सा हो'26 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस 'तालेबान नेता की गिरफ़्तारी का खंडन'02 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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