|
आतंकवाद और व्यापार पर घोषणा संभव | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
सार्क सम्मेलन में बुधवार को आतंकवाद के ख़िलाफ़ और आपसी व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर घोषणा हो सकती है. भारत ने बहुत स्पष्ट तौर पर कहा है कि अगर सार्क का भविष्य बेहतर बनाना है तो क्षेत्र से आतंकवाद का ख़ात्मा करना होगा. संगठन के आठ सदस्यों का भी मानना है कि अगर क्षेत्र का आर्थिक विकास करना है तो पहले दक्षिण एशिया में सुरक्षा के पुख़्ता इंतज़ाम करने होंगे. समाचार एजेंसियों के अनुसार विदेश मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि संयुक्त घोषणापत्र पर अभी विचार हो रहा है. प्रेक्षकों का कहना था कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि अफ़ग़ानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका आतंकवाद से लड़ने के लिए किसी व्यवस्था पर राजी होते हैं कि नहीं. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शौक़त अज़ीज़ ने साफ़ कर दिया है कि भारत के साथ मुक्त व्यापार कश्मीर समस्या के समाधान के बाद ही संभव है. इसी वजह से दोनों देशों में मतभेद हैं और शांति प्रक्रिया भी धीरे चल रही है. सुरक्षा विशेषज्ञ उदय भास्कर ने समाचार एजेंसी एएफ़पी से कहा," आतंकवाद के मुद्दे पर सदस्य देशों के बीच आम सहमति न होना घोषणापत्र के लिए सबसे बड़ी चुनौती होगी." सार्क देशों के बीच व्यापार संबंधों को मज़बूत करना घोषणापत्र का प्रमुख बिंदु हो सकता है. घोषणापत्र अपने छोटे पड़ोसी देशों के लिए भारत शुल्क-मुक्त व्यवस्था और उदार वीज़ा नियमों का प्रावधान कर सकता है. ऐसी संभावना है कि दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार समझौते (साफ़्टा) को और अधिक मज़बूत और प्रभावशाली बनाए जाने की बात भी इसमें शामिल हो सकती है. | इससे जुड़ी ख़बरें व्यापार विवाद टालने पर सहमति02 अगस्त, 2006 | भारत और पड़ोस श्रीलंका में '15 तमिल विद्रोही मारे गए'29 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस सार्क में आपसी सहयोग पर रहेगा ज़ोर31 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस प्रत्यर्पण पर भारत-पाकिस्तान में मतभेद02 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस पाकिस्तान ने व्यापार को कश्मीर से जोड़ा03 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस भारत ने की एकतरफ़ा रियायतों की घोषणा03 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस सार्क शिखर सम्मेलन आज से, सुरक्षा कड़ी03 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
| |||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||