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'बिचौलियों की भूमिका के बिना होंगे सौदे' | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के रक्षा मंत्री एके एंटनी ने कहा है कि रक्षा सौदों में बिचौलियों की कोई भूमिका नहीं होगी. उन्होंने कहा कि अगर दलाली की शिकायतें सही पाई गईं तो संबंधित कंपनियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई हो सकती है. हालाँकि उन्होंने इसराइल के साथ एक अरब 20 करोड़ डॉलर के फ़ाल्कन विमानों के सौदे को रद्द करने से इनकार कर दिया. फ़ाल्कन विमानों में टोही और पूर्व चेतावनी उपकरण लगे होते हैं. इसराइली मीडिया ने ख़बरें दी थी कि भारत ने इन विमानों के लिए जो भुगतान किया है वो चीन की पेशकश से तीनगुना ज़्यादा है. इस ओर ध्यान दिलाए जाने पर एंटनी ने कहा, "रक्षा मंत्रालय को इस तरह की कोई शिकायत नहीं मिली है." उन्होंने कहा कि जब भी इस तरह की शिकायत मिली कि बोली लगाने वाली कंपनी ने तय प्रक्रिया का पालन नहीं किया है, तो उचित क़दम उठाया गया है. रक्षा मंत्री ने कहा, "हमारे सभी सौदे पारदर्शिता और हथियारों की मारक क्षमता को आधार बना कर होंगे." रक्षा मंत्री ने रविवार को दिल्ल के प्रगति मैदान में रक्षा प्रदर्शनी का उदघाटन किया. इसमें अमरीका, फ़्रांस और कई अन्य देशों की कंपनियाँ हिस्सा ले रही हैं. | इससे जुड़ी ख़बरें लड़ाकू विमानों के लिए अंतरराष्ट्रीय टेंडर29 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस 'हम किसी से हथियारों की होड़ में नहीं हैं'07 जुलाई, 2007 | भारत और पड़ोस 'सेना को मिलेगी मिसाइलरोधी प्रणाली'04 दिसंबर, 2006 | भारत और पड़ोस 'सेना में जासूसी की जाँच हो रही है'23 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस हथियार निर्माताओं की प्रदर्शनी31 जनवरी, 2006 | भारत और पड़ोस भारत को भी अमरीकी सहयोग बढ़ा26 मार्च, 2005 | भारत और पड़ोस 'प्रधानमंत्री को ग़लत सलाह दी गई'15 अक्तूबर, 2006 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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