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बुधवार, 16 जनवरी, 2008 को 02:59 GMT तक के समाचार
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'चरमपंथ के ख़िलाफ़ साझा प्रयास हो'
मनमोहन सिंह और हू चिंताओ
चीनी राष्ट्रपति ने मनमोहन सिंह की यात्रा को सार्थक बताया है
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा है कि भारत और चीन को चरमपंथ के ख़िलाफ़ मिल जुल कर प्रयास करना चाहिए.

वो मंगलवार देर रात चीन दौरे से स्वदेश लौट आए.

चीन यात्रा के आख़िरी दिन मनमोहन सिंह ने चीनी राष्ट्रपति हू चिंताओ से मुलाकात की.

चिंताओ ने भारतीय प्रधानमंत्री के चीन दौरे को संक्षिप्त लेकिन सार्थक बताया और इसके लिए उन्हें बधाई दी. उन्होंने कहा कि मनमोहन सिंह की चीनी प्रधानमंत्री वेन जियाबाओ के साथ सार्थक चर्चा हुई है और वे एक व्यापक आम समझ तक पहुंचे हैं.

भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के मज़बूत रिश्ते न केवल एशिया बल्कि पूरी दुनिया के लिए लाभदायक है.

इससे पहले उन्होंने विश्वास जताया कि दोनों देश सीमा विवाद का हल ढूंढने में सफल होंगे जो दोनों देशों के लिए संतोषजनक रहेगा.

चरमपंथ की चुनौती

इससे पहले मनमोहन ने यहां 'चाइनीज अकैडमी ऑफ सोशल साइंसेज' को संबोधित करते हुए कहा कि चरमपंथ चाहे किसी प्रकार का हो, वह विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा है.

 हमारे पड़ोस में हाल के घटनाक्रम ने हमें यह बताया है कि सभी तरह के चरमपंथ से मिल-जुल कर लड़ना होगा
मनमोहन सिंह

उन्होंने पाकिस्तान के घटनाक्रम और भारत में मौजूद आतंकवाद की ओर इशारा करते हुए कहा, "हमारे पड़ोस में हाल के घटनाक्रम ने हमें यह बताया है कि सभी तरह के चरमपंथ से मिल-जुल कर लड़ना होगा."

उनका कहना था,"भारत और चीन को मिलकर काम करना चाहिए, ताकि ऐसी विश्व व्यवस्था विकसित हो जिसमें न सिर्फ हमारी, बल्कि शेष विश्व की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़े. दोनों देश अपने इतिहास में उस रोचक मोड़ पर पहुंच गए हैं, जब विश्व व्यवस्था का पूरा भार एशिया की ओर झुक रहा है."

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और चीन के बीच सबसे पहले जानकारी के अभाव को ख़त्म किया जाना चाहिए.

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