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बीजेपी में खुशी, कांग्रेस ग़मगीन | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गुजरात विधानसभा चुनावों के रुझानों के आने के बाद जहां दिल्ली और गुजरात के बीजेपी कार्यालयों में जश्न का माहौल है वहीं कांग्रेस मुख्यालय में कुछ एक नेता ही दिख रहे हैं. टेलीविज़न चैनलों पर दिखाई जा रही तस्वीरों के अनुसार अहमदाबाद में बीजेपी कार्यकर्ता ढोल नगाड़े बजा रहे थे और मिठाईयां बांट रहे थे. बड़ी संख्या में बीजेपी कार्यकर्ता पार्टी मुख्यालय में जमा हो चुके हैं और वो रुझानों को ही परिणाम मानकर खुशियां मनाने में जुटे हुए हैं. मिठाईयां बांटी जा रही हैं और पटाखे छोड़े जा रहे हैं. स्थानीय नेता मीडिया से बात कर रहे हैं और कई स्थानों पर वो राष्ट्रीय मीडिया यानी टेलीविज़न चैनलों पर कटाक्ष भी कर रहे हैं. 'जीत पार्टी की है' दिल्ली में बीजेपी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा है कि ये जीत नरेंद्र मोदी की नहीं बल्कि पार्टी की है. उन्होंने यह भी कहा कि टेलीविज़न चैनल ठीक से रिपोर्टिंग करें क्योंकि बीजेपी की हार की टीवी की रिपोर्टिंग ग़लत साबित हुई है. पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने कहा कि मैच टीम बीजेपी ने जीता है जिसमें 'मैन ऑफ द मैच' नरेंद्र मोदी हैं. 'कांग्रेस विचारधारा असफल' उधर कांग्रेस के नेताओं ने चैनलों के कार्यालयों में जहां पार्टी का बचाव किया वहीं कुछ नेताओं ने यहां तक कहा कि गुजरात मे पार्टी की विचारधारा असफल रही है. कपिल सिब्बल का कहना था, "कभी-कभी ऐसा होता है कि फ़ासीवादी भी चुनाव जीत जाते हैं." पार्टी के एक और नेता राशिद अल्वी का कहना था कि कांग्रेस पार्टी ने गुजरात में पूरी कोशिश की है लेकिन पार्टी की विचारधारा पर फिर विचार करने की ज़रुरत है क्योंकि जिस विचारधारा से पार्टी ने चुनाव लड़ा उसे शायद समर्थन नहीं मिला है. इन दोनों दलों के बीच बीजेपी के असंतुष्ट नेता मीडिया से कतरा रहे हैं. केशुभाई पटेल ने मीडिया से बात नहीं की है और वो पहले ही मान कर चुके हैं कि अगर मोदी जीते तो वो बात नहीं करेंगे. हालांकि एक अन्य बागी नेता सुरेश मेहता का कहना था कि ये मोदी की निजी जीत है और ये गुजरात में बीजेपी के लिए ठीक नहीं होगा. |
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