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स्कूल में साथी छात्र को गोली मारी | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत की राजधानी दिल्ली से सटे गुड़गांव में पुलिस का कहना है कि मंगलवार को दो स्कूली छात्रों ने अपने ही एक सहपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी. ये सनसनीख़ेज घटना हरियाणा राज्य में गुड़गांव के सेक्टर-45 स्थित यूरो इंटरनेशनल स्कूल में हुई. पुलिस के मुताबिक़ आठवीं कक्षा के छात्र अभिषेक त्यागी पर उसी की कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्रों आकाश और विकास यादव ने गोलियां चलाईं. पुलिस ने इस घटना के पीछे छात्रों के बीच आपसी विवाद को कारण बताया है. घटनाक्रम पुलिस के मुताबिक परिसर के कॉरिडोर में पांच गोलियां दागी गईं जिसमें से चार अभिषेक को लगीं. काफी पास से चलाई गई एक गोली अभिषेक की कनपटी पर और दो गोलियाँ छाती पर लगीं. पुलिस ने बताया कि अभिषेक की मौके पर ही मौत हो गई. पुलिस ने दोनों अभियुक्त छात्रों को हिरासत में ले लिया है. दोनों छात्रों के पिता प्रापर्टी डीलर हैं. मारे गए छात्र अभिषेक के पिता राजेद्र त्यागी के एक मित्र मनोज त्यागी ने बताया कि कुछ दिनों पहले अभिषेक का उसके साथ पढ़ने वाले लड़कों से किसी बात पर झगड़ा हो गया था. स्थानीय डीसीपी सतीश बालन ने बताया कि अभिषेक त्यागी अक्सर आकाश और विकास को तंग करता था, जिससे नाराज़ होकर आकाश अपने पिता की लाइसेंसी बंदूक ले आया और छुट्टी के बाद दोपहर लगभग दो बजे दोनों ने बारी-बारी से अभिषेक पर गोलियां चलाईं. पुलिस ने कहा है कि इस बात की जांच की जाएगी कि आख़िर स्कूल में पिस्तौल कैसे पहुंची और साथ ही उनके माता-पिता से भी पूछताछ की जाएगी. हरियाणा के मुख्यमंत्री ने स्कूल के भीतर हुई इस घटना को बेहद चिंताजनक और दुखद बताया है. उन्होंनें घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं. जाने माने समाजशास्त्री मैनेजर पांडे के अनुसार ये घटना दिखाती है कि किस प्रकार भारत में भी अब अमरीकी मानसिकता का प्रभाव दिख रहा है. ग़ौरतलब है कि हाल में अमरीका के स्कूलों में छात्रों द्वारा गोलीबारी की कई घटनाएँ हुई थीं. | इससे जुड़ी ख़बरें गोलीबारी पर बुश ने दुख जताया18 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना कनाडा के स्कूल में अंधाधुंध गोलीबारी14 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना स्कूल बंधक कांड का खूनी अंत28 सितंबर, 2006 | पहला पन्ना अमरीकी स्कूल में गोलीबारी, चार की मौत02 अक्तूबर, 2006 | पहला पन्ना स्कूलों पर हमले से संयुक्त राष्ट्र चिंतित28 अप्रैल, 2007 | पहला पन्ना | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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