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किडनी कांड में तीन लोगों को सज़ा | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
राजस्थान में जयपुर की एक फास्ट ट्रैक अदालत ने बुधवार को किडनी कांड मे दो डॉक्टरों और एक नर्स को सात-सात साल की सज़ा सुनाई है. इन तीनो को जेल भेज दिया गया है. अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 307 के तहत इन्हें हत्या के प्रयास का दोषी पाया है. ये मामला तक़रीबन 12 साल पुराना है. अभियोजन के मुताबिक जयपुर के डॉ सुरेश गुप्ता, मुबई के डॉ बसंत और नर्स सीमा सैयद पर हैदराबाद के हुसैन की धोखे से गुर्दा निकालकर सीरिया के एक व्यक्ति को लगाने का आरोप है. हालांकि इन तीनो ने ख़ुद को बेग़ुनाह बताया और कहा की उन्हें झूठमूठ फंसाया गया है. अभियोजन के अनुसार, एक दलाल हुसैन को नौकरी का झांसा दे कर जयपुर लाया और अस्पताल में काम पर लगा दिया. बाद मे धोखे से हुसैन की किडनी निकाल कर सीरिया के किसी मुस्तफ़ा गरल नाम के व्यक्ति को लगा दी. अनैतिक हुसैन ने वर्ष 1995 में इस मामले में पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई था. हुसैन ने पुलिस को बताया की उसे जब पता चला तो डॉक्टरों ने 15,000 रुपए देकर उसे चुप करा दिया और 45,000 रूपए बाद में देने की बात कही थी. लेकिन बाद मे उन्होंने उसे मार-पीट कर भगा दिया. इन तीनो के विरुद्ध दफ़ा 307 के अलावे अपराधिक साजिश का भी मामला बनाया गया. अभियोजन पक्ष के वकील पी के भटनागर ने बीबीसी को बताया की अदालत ने इन अपराधों को बहुत गंभीरता से लिया और कहा की इन डॉक्टरों ने अपने पेशे की गरिमा और नैतिकता के विरुद्ध काम किया है. अभियोजन पक्ष ने अपना आरोप साबित करने के लिए क़रीब 20 गवाह पेश किए थे. इन डॉक्टरों के विरुद्ध किडनी कांड को लेकर एक और मुक़दमा विचाराधीन है. | इससे जुड़ी ख़बरें कन्या भ्रूणहत्या: सात डॉक्टर निलंबित14 जून, 2006 | भारत और पड़ोस भिखारी प्रकरण की जाँच हो: आईएमए31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस भ्रूण हत्या मामले में डॉक्टरों पर पाबंदी07 सितंबर, 2006 | भारत और पड़ोस नाबालिग को 'सर्जन' बनाने वाले गिरफ़्तार25 जून, 2007 | भारत और पड़ोस गुज़ारे के लिए गुर्दे बेच रहे सूनामी पीड़ित09 मार्च, 2007 | भारत और पड़ोस बेहाल मछुआरे गुर्दा बेचने पर मजबूर16 जनवरी, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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