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असम और झारखंड पूरी तरह बंद | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
असम में आदिवासियों की रैली के दौरान हुई हिंसा के विरोध में झारखंड और असम में बंद के दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं. इन दोनों राज्यों में 36 घंटे के बंद का आह्वान किया गया है. उत्तर और पश्चिमी असम में कई स्थानों पर हिंसा के समाचार है. शनिवार को ऑल आदिवासी स्टूडेंट्स ऑफ़ असम के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा हुई थी जिसमें आधिकारिक तौर पर दो आदिवासी मारे गए थे और ढाई सौ घायल हुए थे. लेकिन आदिवासियों के नेताओं का कहना है कि कम से कम 12 लोग मारे गए हैं और बीस से अधिक लोग लापता हैं जिनकी हत्या की आशंका व्यक्ति की जा रही है. इस हिंसा के विरोध में सोमवार को झारखंड और असम में बंद का आयोजन किया गया है. पुलिस के अनुसार कोकराझार में लोगों ने एक जीप को जला दिया और हिंसा में एक हिंदी भाषी व्यक्ति की मौत हो गई. बीबीसी संवाददाता सुबीर भौमिक का कहना है कि पूरे राज्य में सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं. झारखंड बंद आदिवासियों के ख़िलाफ़ हिंसा के विरोध में झारखंड में बंद है जहां इसका व्यापक प्रभाव पड़ा है. रांची में जनजीवन बिल्कुल ठप है और कई स्थानों पर लोग सड़कों पर आ गए हैं. रांची से बीबीसी संवाददाता सलमान रावी का कहना है कि जनजीवन अस्त व्यस्त है और कई क्षेत्रों में ट्रेन यातायात में भी बाधा पड़ी है. बंद के मद्देनज़र सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं और हिंसा की आशंका भी जताई जा रही है. असम में संथाल आदिवासी लंबे अरसे से अनुसूचिज जनजाति का दर्जा दिए जाने की माँग कर रहे हैं. संथाल जनजाति मूल रूप से बिहार और झारखंड से संबंध रखते हैं लेकिन ब्रिटिश शासन के दौरान इन्हें मज़दूर के तौर पर असम ले जाया गया था. गुवाहाटी की हिंसक घटना के विरोध में रविवार को भी झारखंड में विरोध प्रदर्शन हुए थे. राज्य के विभिन्न आदिवासी , सामाजिक और राजनितिक दलों के कार्यकर्ताओं नें सड़कों पर उतर कर अपने गुस्से का इजहार किया. असम के मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के पुतले जलाए गए और उनकी बर्ख़ास्तगी की मांग की. झारखंड सरकार नें शांति की अपील करते हुए राँची से एक उच्चस्तरीय दल गुवाहाटी भेजा है जो वहाँ पर स्थिति की समीक्षा करेगा. इसकी अगुआई झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष शिबू सोरेन कर रहे हैं. दल नें गुवाहाटी पहुँच कर असम के राज्यपाल से मुलाकात की और गंभीर रूप से घायल आदिवासियों को बेहतर चिकित्सा मुहैया कराने की मांग की. | इससे जुड़ी ख़बरें रैली में भड़की हिंसा में अनेक हताहत24 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस आदिवासियों की रैली के दौरान हिंसा24 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस अल्फ़ा के 66 सदस्यों का आत्मसमर्पण01 नवंबर, 2007 | भारत और पड़ोस उल्फ़ा के ख़िलाफ़ कार्रवाई में दो मारे गए07 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस असम में छह लोगों की मौत, 30 घायल30 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस मौत के 40 साल बाद अंतिम संस्कार22 अगस्त, 2007 | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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