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जमीर के काफ़िले पर हमला | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
गोवा के राज्यपाल और पूर्व मुख्यमंत्री एससी जमीर के काफ़िले पर नगालैंड में संदिग्ध अलगाववादी विद्रोहियों ने हमला किया है. शनिवार की सुबह हुए इस हमले में जमीर सुरक्षित बच निकलने में सफल रहे. अधिकारियों का कहना है कि नगालैंड के पूर्व मुख्यमंत्री एससी जमीर के काफ़िले पर हमला शनिवार की सुबह साढ़े छह बजे लॉन्गनाक के पास हुआ. लॉन्गनाक नगालैंड और असम की सीमा मरियानी से 45 किलोमीटर की दूरी पर है. नगालैंड के एक पुलिस अधिकारी ने बीबीसी को बताया, "जमीर के काफ़िले पर सड़के के दोनों ओर से गोलियाँ चल रही थीं लेकिन जमीर सुरक्षित बच निकलने में सफल रहे." जमीर गोवा के मुख्यमंत्री बनने से पहले कांग्रेस पार्टी की ओर से नगालैंड के मुख्यमंत्री थे. राज्यपाल जमीर के क़रीबी लोगों ने इस हमले के लिए अलगाववादियों की संस्था नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नागालैंड (एनएससीएन) के लड़ाकों को दोषी ठहराया है. उल्लेखनीय है कि एनएससीएन इस समय संघर्षविराम में है और भारत सरकार के साथ पिछले दस सालों से बातचीत कर रही है. एनएससीएन ने कई बार एससी जमीर पर शांतिवार्ता में बाधा पहुँचाने का आरोप लगाया है. जमीर नगालैंड के ही रहने वाले हैं और वे पिछले चार दिनों से अपने घर आए हुए हैं. उनकी इस यात्रा को नगालैंड में अगले साल होने वाले चुनावों से जोड़कर देखा जा रहा है. | इससे जुड़ी ख़बरें विद्रोहियों के हमलों में आठ की मौत03 अक्तूबर, 2007 | भारत और पड़ोस नगालैंड में पाँच विद्रोहियों की हत्या10 सितंबर, 2007 | भारत और पड़ोस विरोधी नगा गुटों में संघर्ष, 10 मारे गए17 अप्रैल, 2007 | भारत और पड़ोस एनएससीएन के साथ संघर्ष विराम बढ़ा31 जुलाई, 2006 | भारत और पड़ोस नगालैंड और असम में हिंसा, 56 की मौत02 अक्तूबर, 2004 | भारत और पड़ोस चार राज्यों में राज्यपाल नियुक्त हुए05 जुलाई, 2004 | भारत और पड़ोस नगा बातचीत की दुविधाएँ | भारत और पड़ोस | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
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