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नगालैंड और असम में हिंसा, 56 की मौत | ||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||||
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों नगालैंड और असम में शनिवार को हिंसा की कई घटनाओँ में कम से कम 56 लोग मारे गए हैं और 100 से ज़्यादा घायल हो गए. सबसे ज़्यादा 36 लोग नगालैंड के दीमापुर में हुए धमाकों का शिकार बने हैं. असम में धुबरी ज़िले के मरकीझारा में तीन ग्रामीण बाज़ारों में हमलावरों की अंधाधुंध गोलीबारी में 20 लोग मारे गए हैं. समाचार एजेंसियों के अनुसार दोनों राज्यों में शनिवार को हिंसा की कुल नौ घटनाएँ हुईं. नगालैंड में विस्फोट दीमापुर शहर में हुए, जो राज्य का प्रमुख व्यापारिक केंद्र माना जाता है. एक विस्फोट दीमापुर रेलवे स्टेशन पर और दूसरा एक स्थानीय बाज़ार में हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सुबह क़रीब साढ़े नौ बजे एक के बाद एक दोनों विस्फोट हुए. दीमापुर के पुलिस अधीक्षक जनार्दन सिंह ने बीबीसी को बताया कि विस्फोटों में मृतकों की संख्या 28 हो गई है. घायलों की संख्या 100 से ज़्यादा बताई गई है. दीमापुर रेलवे स्टेशन पर धमाका ऐसे समय हुआ जब वहाँ काफ़ी भीड़ थी. दूसरा विस्फोट हाँगकाँग बाज़ार में हुआ. अभी किसी संगठन ने इस विस्फोट की ज़िम्मेदारी नहीं ली है. 1997 से नगालैंड में सरकार और विद्रोहियों के बीच युद्धविराम चल रहा है. अलगाववादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ़ नगालैंड (एनएससीएन) की भारत सरकार के साथ बातचीत चल रही है. अंधाधुंध गोलीबारी असम में धुबरी ज़िले के मरकीझारा के तीन ग्रामीण बाज़ारों में अंधाधुंध गोलीबारी में 19 लोग मारे गए हैं.
अधिकारियों ने इस हमले के लिए बोडो अलगाववादियों को ज़िम्मेदार बताया है. ग़ौरतलब है कि अलग बोडो राज्य की माँग कर रहा नेशनल डेमोक्रेटिक फ़्रंट ऑफ़ बोडोलैंड रविवार को अपनी स्थापना के 18 वर्ष पूरे कर रहा है. असम के ही कोकराझार में हुए धमाके में एक व्यक्ति की मौत हो गई और सात घायल हो गए. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गाँधी जयंती के दिन नगालैंड और असम में हुई हिंसा पर दुख व्यक्त किया है. समाचार एजेंसियों के अनुसार गृह मंत्री शिवराज पाटिल ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात कर पूर्वोत्तर की ताज़ा स्थिति पर चर्चा की है. |
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